CBSE ने 11वीं-12वीं के शिक्षकों के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रैक्टिस को किया अनिवार्य

सीबीएसई ने अपने संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि कक्षा 11 और 12 में पढ़ाने वाले सभी शिक्षक डिजिटल मूल्यांकन (On-Screen Marking) की अनिवार्य प्रैक्टिस पूरी करें। इसका उद्देश्य कक्षा 12 की कॉपियों का बिना गलती के डिजिटल मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। इसके तहत शिक्षकों को OASIS डेटा अपडेट करने के बाद लॉग-इन आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे, जिससे वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रैक्टिस कर सकेंगे।
स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी संबंधित शिक्षक प्रैक्टिस में हिस्सा लें और सिस्टम पर कई बार अभ्यास करें। प्रैक्टिस के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
सीबीएसई ने स्कूलों के लिए विशेष डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराया है। इसके जरिए प्रिंसिपल देख सकेंगे कि कितने शिक्षकों का डेटा अपडेट है, कितनों ने प्रैक्टिस पूरी कर ली है और कितने बाकी हैं। यह प्रैक्टिस सुविधा 16 फरवरी से लगभग एक सप्ताह तक चलेगी।
डिजिटल स्क्रीन पर कॉपियों के मूल्यांकन के निर्णय के बाद छात्रों और अभिभावकों के मन में कई सवाल उठे हैं। इसे लेकर सीबीएसई ने एक वेबिनार आयोजित किया, जिसमें एग्जाम कंट्रोलर ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डिजिटल स्क्रीन पर कॉपियों को इंटरनेशनल एग्जामिनर भी चेक कर सकेंगे।
सीबीएसई के अनुसार, 12वीं के एग्जाम में लगभग 18 लाख 59 हजार 479 छात्र शामिल होंगे और 120 विषयों के लिए कुल 1 करोड़ 44 हजार 295 कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।











