MP के 30 हजार स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मियों की ‘न्याय यात्रा’ की बदली गई तारीख, भोपाल में 25 फरवरी को जुटेंगे कर्मचारी

भोपाल: मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले होने वाला यह आंदोलन अब आगामी 25 फरवरी को राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा। पहले यह प्रदर्शन 23 और 24 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन शहर में वीआईपी दौरों और प्रशासनिक आग्रह के बाद तारीखों में बदलाव किया गया है।
रणनीति में बदलाव का कारण
संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह के अनुसार, 24 फरवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का भोपाल दौरा प्रस्तावित है। सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक आग्रह को देखते हुए संघ ने सर्वसम्मति से आंदोलन को एक दिन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखी जा सके।
प्रमुख मांगें और ‘न्याय यात्रा’
25 फरवरी को प्रदेशभर के कर्मचारी स्वास्थ्य संचालनालय (जय प्रकाश चिकित्सालय परिसर) में एकत्रित होंगे। यहाँ से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए एक विशाल ‘न्याय यात्रा’ निकाली जाएगी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
रिक्त पदों पर समायोजन कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए।
न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए।
निजी एजेंसियों (ठेका प्रथा) को हटाकर वेतन सीधे बैंक खातों में भेजा जाए।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आउटसोर्स कर्मियों के लिए ठोस नीति बने।
शोषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से दमनकारी नीतियों और आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। कोमल सिंह ने स्पष्ट किया कि अब कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे और अपनी मांगों को मनवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।











