कांग्रेस का आरोप– सरकार व्यापारियों से कर रही जबरन वसूली, फ्री में ट्रेड लाइसेंस जारी करे प्रशासन

छत्तीसगढ़ में ट्रेड लाइसेंस को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर व्यापारियों से जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है और मांग की है कि जिन व्यापारियों के पास पहले से गुमास्ता लाइसेंस है, उन्हें निशुल्क ट्रेड लाइसेंस जारी किया जाए।

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के 99% व्यापारी पहले से ही गुमास्ता लाइसेंस के तहत कारोबार कर रहे हैं, फिर नई ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता थोपना व्यापारी विरोधी कदम है। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्रों में 30,000 रुपए, नगर पालिका में 20,000 रुपए और नगर पंचायत में 10,000 रुपए वार्षिक शुल्क तय किया गया है। इसके साथ ही हर दो साल में शुल्क में 5% की वृद्धि और जुर्माने का प्रावधान भी जोड़ा गया है, जो छोटे व्यापारियों के लिए सीधा आर्थिक बोझ है।

धनंजय ठाकुर ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “कांग्रेस शासनकाल में गुमास्ता लाइसेंस की वैधता 5 साल के लिए की गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने आते ही इस नियम को खत्म कर दिया। अब ठेला लगाने वाले से लेकर बड़े मॉल तक सभी से अलग से ट्रेड लाइसेंस फीस ली जा रही है।”

सरकार ने हाल ही में अधिसूचना जारी कर पूरे राज्य में ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार अब सभी दुकानों, गुमटियों, ठेलों और मॉल्स को यह लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस दुकान चलाना गैरकानूनी माना जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत दुकानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है— मोहल्ला स्तर पर 4 रुपए प्रति वर्गफुट, मध्यम बाजार में 5 रुपए और मुख्य बाजार की दुकानों के लिए 6 रुपए प्रति वर्गफुट शुल्क तय किया गया है। अब तक यह नियम केवल 45 नगरीय निकायों में लागू था, लेकिन अब इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो व्यापारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। पार्टी का कहना है कि मंदी और महंगाई के दौर में यह फैसला व्यापारियों की कमर तोड़ देगा और हजारों लोगों की आजीविका पर संकट खड़ा कर देगा।

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