अफीम खेती पर कांग्रेस का हल्लाबोल, बीजेपी दफ्तर का घेराव, सरकार को दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है. गुरुवार को धमतरी जिले में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में भाजपा जिला कार्यालय का घेराव किया गया.इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली.
बीजेपी दफ्तर घेराव के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता रत्नाबांधा रोड से बीजेपी के विवेकानंद गली नंबर-4 स्थित जिला कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे.हालांकि पुलिस प्रशासन ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण माहौल बन गया और कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई.
मुख्य आरोपी को सह अभियुक्त बनाने का आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया. वहीं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे का कारोबार भाजपा के संरक्षण में फल-फूल रहा है और पार्टी से जुड़े नेता आरोपियों को बचाने में लगे हैं. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर की भूमिका गंभीर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें मुख्य आरोपी बनाने के बजाय सह-अभियुक्त बनाया गया है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को केवल निलंबित किया गया है, उसे पार्टी से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
सत्ता पक्ष पर संरक्षण देने का आरोप
जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने दावा किया कि दुर्ग जिले के समोदा गांव के एक फार्म हाउस में लगभग 10 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का खुलासा हुआ है और यह खेती बीजेपी से जुड़े एक नेता के संरक्षण में की जा रही थी. उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण के बिना इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती संभव नहीं है.











