BCI के 150 करोड़ रुपये के फंड पर विवाद, रेड्डी के आरोपों पर मनन मिश्रा का पलटवार

नई दिल्ली
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के सह-चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता वाईआर सदाशिव रेड्डी ने BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। शनिवार को रेड्डी ने मनन मिश्रा के नेतृत्व में परिषद के कामकाज को लेकर कई गंभीर आरोप और सवाल उठाए हैं। वहीं, BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने रेड्डी के आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया है।
मनन कुमार मिश्रा ये बोले
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के को-चेयरमैन YR सदाशिव रेड्डी के आरोपों पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि, वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमैन नहीं हैं। बल्कि, आज वह स्टेट बार काउंसिल के सदस्य भी नहीं हैं। दूसरी बात, यह एक लोकतांत्रिक संस्था है। लोग चुनकर आते हैं। यहां अलग-अलग गुट हैं और अंदरूनी राजनीति के साथ-साथ पार्टी की राजनीति भी होती है। वह दूसरी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं।
इसलिए, यह सब राजनीतिक बदले की भावना और राजनीतिक स्टंट है, जिसके तहत उन्होंने यह बात कही है। वह पिछले साढ़े आठ साल से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य रहे हैं। लेकिन उन साढ़े आठ सालों में उन्होंने कभी कुछ नहीं कहा।
उन्होंने कहा कि, अब वह एक ऐसे ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे हैं, जिसके वह खुद ट्रस्टी हैं। इसलिए, रेड्डी द्वारा लगाए गए इन बेबुनियाद आरोपों का कोई मतलब नहीं है। आज बार काउंसिल ऑफ इंडिया से उनका कोई लेना-देना नहीं है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया अभी भी एक बहुत मजबूत संस्था है और भविष्य में भी यह एक बहुत मजबूत संस्था बनी रहेगी। इसलिए, रेड्डी या कोई भी व्यक्ति कुछ भी कहे, उसकी कोई अहमियत नहीं है।
वाईआर रेड्डी ने ये लगाए आरोप
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, वाईआर सदाशिव रेड्डी ने आरोप लगाया है कि BCI के करीब 150 करोड़ रुपए के फंड को एक निजी ट्रस्ट में स्थानांतरित करने की कोशिश की गई, जिसे चेयरमैन से जुड़े लोगों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने परिवार के सदस्यों की कथित नियुक्तियों, लॉ कॉलेजों से कथित तौर पर 'योगदान' लिए जाने और NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के मामले में जारी विवादित निर्देश को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मनन मिश्रा बोले, ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध
BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट के बारे में बात करें तो इसका पूरा कामकाज पूरी तरह पारदर्शी है। मैनेजिंग ट्रस्टीज में जाने-माने लोग शामिल हैं- बार काउंसिल के सदस्य और सीनियर वकील। कोई भी आकर अकाउंट्स की जांच कर सकता है। ट्रस्ट का सालाना ऑडिट होता है। ऑडिट रिपोर्ट को बजट में शामिल किया जाता है, प्रकाशित किया जाता है और पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाता है।











