मां शारदा धाम में खतरनाक ट्रेंड: लंबी लाइन से बचने के लिए पहाड़ चढ़ रहे भक्त!

मैहर : चैत्र नवरात्रि के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध माँ शारदा देवी मंदिर में आस्था का भारी सैलाब उमड़ रहा है.लाखों की संख्या में पहुँच रहे श्रद्धालुओं के कारण जहाँ व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं, वहीं जल्दबाजी और भीड़ से बचने के चक्कर में भक्त अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं.सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और रोपवे पॉइंट पर हुई दुर्घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
7 फीट ऊँची जाली लांघकर पहाड़ी के रास्ते चढ़ाई
मेले के दौरान सीढ़ी मार्ग और रोपवे पर लगने वाली लंबी कतारों से बचने के लिए कुछ श्रद्धालु बेहद खतरनाक रास्ता अख्तियार कर रहे हैं.हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें श्रद्धालु मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए लगाई गई लगभग 7 से 8 फीट ऊँची लोहे की जाली को लांघते नजर आ रहे हैं.
ये श्रद्धालु निर्धारित मार्ग को छोड़कर पहाड़ी के ऊबड़-खाबड़ और ढलान वाले रास्तों से ऊपर चढ़ रहे हैं.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र पूरी तरह असुरक्षित है और यहाँ से गिरना जानलेवा साबित हो सकता है.यह वीडियो आज का ही बताया जा रहा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.बाथरूम में पैर फिसलने से दमोह का श्रद्धालु घायल इसी बीच, भीड़ और अव्यवस्था के बीच एक दुर्घटना भी सामने आई है.
दमोह निवासी विकास चौबे (45), जो अपने परिवार के साथ माता के दर्शन करने आए थे, रोपवे पॉइंट पर स्थित बाथरूम में अचानक पैर फिसलने से गिर पड़े. गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और काफी खून बहने लगा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
स्वास्थ्य टीम की तत्परता से मिला उपचार
घटना की जानकारी मिलते ही रोपवे पॉइंट पर तैनात मेडिकल टीम तत्काल मौके पर पहुँची. बीएमओ डॉ. पीयूष पांडेय के निर्देशन में सीएचओ नेहाली सनोडिया, हेमंत सोनी और संबल यूके ने घायल श्रद्धालु का त्वरित प्राथमिक उपचार किया। टीम ने घाव की ड्रेसिंग कर स्थिति को संभाला, जिससे श्रद्धालु को बड़ी राहत मिली.
प्रशासन की अपील: “सुरक्षित मार्ग ही चुनें”
अत्यधिक भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से बार-बार अपील की है कि वे जल्दबाजी न करें.निर्धारित मार्ग: केवल सीढ़ी मार्ग या स्वीकृत रोपवे का ही उपयोग करें.
जोखिम से बचें: पहाड़ी के अनधिकृत रास्तों या जाली लांघने जैसी हरकतें न करें.
सावधानी: फिसलन वाले स्थानों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें.
आस्था अटूट है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है.प्रशासन को चाहिए कि वायरल वीडियो वाले संवेदनशील पॉइंट पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके.











