शिवाजी महाराज टिप्पणी विवाद में हर्षवर्धन सपकाल के समर्थन में उतरीं बेटी गार्गी, बोलीं- बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान को लेकर जारी विवाद के बीच उनकी बेटी गार्गी सपकाल ने सार्वजनिक रूप से उनका बचाव किया है। गार्गी का सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से चर्चा में है, जिसमें उन्होंने पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है।
गार्गी सपकाल, जो लंदन स्थित एक महाविद्यालय में पब्लिक हेल्थ की पढ़ाई कर रही हैं और ‘दवा और दुआ’ प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, ने अपने पोस्ट में कहा कि उनके पिता के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। उन्होंने लिखा कि यह विवाद शिवाजी महाराज के सम्मान के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए खड़ा किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता का मूल वक्तव्य शिवाजी महाराज के अद्वितीय पराक्रम और उनके विचारों से प्रेरणा लेने की बात पर आधारित था। बयान एक प्रश्न के उत्तर में दिया गया था, जिसमें शासकीय कार्यालयों में महान व्यक्तित्वों के चित्र लगाने की मांग का संदर्भ था। गार्गी के अनुसार, उसी संदर्भ में टीपू सुल्तान का उल्लेख किया गया था, जिसे अब गलत अर्थ देकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
गार्गी सपकाल ने सत्ताधारी दल पर चयनात्मक नैतिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भगत सिंह कोश्यारी या अन्य नेताओं द्वारा महापुरुषों पर विवादित टिप्पणियां की गईं, तब कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास से जुड़े अन्य विवादों पर भी सत्ता पक्ष की ओर से चुप्पी साधी गई।
उन्होंने कहा कि उनके पिता शिवाजी महाराज के समता, न्याय और लोककल्याण के आदर्शों में विश्वास रखते हैं और समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे के पक्षधर हैं। गार्गी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रतीकों के नाम पर समाज में द्वेष फैलाने का काम कर रहे हैं।
पोस्ट में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विवाद के बाद उन्हें फर्जी आईडी से अभद्र और अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने वास्तव में शिवाजी महाराज के आदर्शों को समझा होता तो ऐसा व्यवहार नहीं करता।
गार्गी ने अंत में महाराष्ट्र के सभी समुदायों से शांति, करुणा और न्याय के मूल्यों पर कायम रहने की अपील की और कहा कि सत्य को पहचानकर एकजुट होकर खड़ा होना ही सच्चे स्वराज्य की भावना है।











