सुपौल में डीएम ने की बड़ी कार्रवाई, चार किसान सलाहकार को किया गया चयनमुक्त; एक राजस्व कर्मचारी निलंबित

सुपौल: जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिलाधिकारी सावन कुमार ने चार किसान सलाहकार को चयन मुक्त कर दिया है. वही एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है. जिला में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला है. जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर कार्य में लापरवाही बरतने वाले चार किसान सलाहकारों को सेवा से चयनमुक्त कर दिया गया है, जबकि त्रिवेणीगंज में पदस्थापित एक राजस्व कर्मचारी को अनियमितता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई से विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एग्री स्टैक परियोजना के तहत 2 फरवरी से 14 फरवरी तक जिले के सभी प्रखंडों में फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने के लिए विशेष शिविर चलाए जा रहे हैं. अभियान की समीक्षा के दौरान संबंधित कर्मियों द्वारा कार्य में शिथिलता और उदासीनता पाए जाने पर चार किसान सलाहकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई.
चयनमुक्त किए गए किसान सलाहकारों में मरौना प्रखंड की घोघररिया पंचायत के मुकेश कुमार, बसंतपुर प्रखंड की हृदयनगर पंचायत के देव कुमार राम, छातापुर प्रखंड की राजेश्वरी पूर्वी पंचायत के सत्यनारायण राम तथा सुपौल प्रखंड की बेरो पंचायत के मोहम्मद आबिद हुसैन शामिल हैं. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया है.
इधर, त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी राज रोशन कुमार पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है. भूमि सुधार उप समाहर्ता, त्रिवेणीगंज के प्रतिवेदन के आधार पर उन पर बिना अंचल अमीन की मापी रिपोर्ट के मौजा मानगंज में पंजी-2 में प्रविष्टि करने तथा कथित रूप से धन लेकर गड़बड़ी करने का आरोप है. इसे लोक सेवक आचरण नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना गया है.
इन आरोपों के मद्देनजर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-09 के तहत राज रोशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मख्यालय मरौना अंचल कार्यालय निर्धारित किया गया और उन्हें नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दे होगा. जिलाधिकारी ने सभी किसानों से अपील की है कि यह आवश्यक दस्तावेज के साथ अपनी नजदीकी विशेष सिविल में पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री आईडी अवश्य बनवाई ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से मिल सके.











