डीएमएफ फंड अनियमितता मामला: एसीबी–ईओडब्ल्यू ने सतपाल सिंह छाबड़ा को लिया हिरासत में


रायपुर। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में Anti Corruption Bureau और Economic Offences Wing की संयुक्त टीम ने आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उसे 6 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जो 25 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।
जांच में क्या सामने आया?
जांच एजेंसी के अनुसार, डीएमएफ फंड के अंतर्गत संचालित कृषि अनुदान योजनाओं की पड़ताल के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
कथित मिलीभगत और वित्तीय लेन-देन
एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने एक संगठित समूह के साथ मिलकर कार्यों को अंजाम दिया। इस समूह में कुछ शासकीय अधिकारी, कर्मचारी तथा व्यापारी शामिल होने की आशंका जताई गई है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि:
योजनाओं में पारदर्शिता के मानकों की अनदेखी की गई,
वित्तीय प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां की गईं,
कथित रूप से करोड़ों रुपये की अवैध कमीशन राशि नकद एवं परिजनों के बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त की गई।
रिमांड के दौरान क्या होगी कार्रवाई?
रिमांड अवधि में जांच एजेंसी आरोपी से फंड के उपयोग, कमीशन के स्वरूप तथा संबंधित नेटवर्क की कड़ियों के बारे में गहन पूछताछ करेगी। साथ ही बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजी साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी रहेगी।
आगे की जांच जारी
एसीबी–ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। राज्य में पहले से चर्चित इस प्रकरण में की गई यह गिरफ्तारी जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एजेंसी ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध सख्त और साक्ष्य-आधारित कार्रवाई की जाएगी।











