DPI Chhattisgarh Teacher Attachment Order,DPI का सख्त आदेश—दफ्तरों में जमे शिक्षक तत्काल मूल शाला लौटें, 7 दिन में मांगी पालन रिपोर्ट
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। लंबे समय से मलाईदार पदों या दफ्तरों में जमे शिक्षकों के लिए अब राहत के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।

DPI Chhattisgarh Teacher Attachment Order,रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गिरते शैक्षणिक स्तर और शिक्षकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने एक कड़ा फरमान जारी किया है।
संचालनालय ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न सभी शिक्षकों और कर्मचारियों का संलग्नीकरण (Attachment) तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
मूल शाला में उपस्थिति अनिवार्य
DPI द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी मूल पदस्थापना वाली शालाओं को छोड़कर विभिन्न कार्यालयों और संस्थाओं में बाबूगीरी या अन्य गैर-शिक्षकीय कार्यों में लगे हुए हैं। इससे न केवल प्रशासनिक अनुशासन बिगड़ रहा है, बल्कि स्कूलों में विद्यार्थियों का अध्यापन कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आदेश के तहत अब ऐसे सभी शिक्षकों को उनकी मूल शालाओं में वापस भेजकर वहां उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
7 दिन का अल्टीमेटम और कड़ी निगरानी
DPI Chhattisgarh Teacher Attachment Order।इस बार प्रशासन केवल आदेश जारी करके शांत नहीं बैठा है। DPI ने सभी संबंधित अधिकारियों को 7 दिन के भीतर संलग्नीकरण समाप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
- कड़ी चेतावनी: अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शिक्षक कागजों पर कार्यमुक्त होकर दोबारा पिछले दरवाजे से उसी दफ्तर में न लौट आए।
- पुराना हवाला: यह आदेश 28 फरवरी 2024 को राज्य शासन द्वारा जारी उन निर्देशों की कड़ी में है, जिसमें कलेक्टरों और कमिश्नरों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
क्या इस बार बदलेगी तस्वीर?
यह पहली बार नहीं है जब शिक्षकों को वापस भेजने का आदेश जारी हुआ है। जानकारों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसे आदेश निकले, लेकिन राजनैतिक रसूख या प्रशासनिक सांठगांठ के चलते शिक्षक कुछ दिनों बाद फिर से दफ्तरों में लौट आते हैं। कुछ शिक्षक तो वर्षों से ब्लैकबोर्ड और चॉक से दूर केवल फाइलों के निपटारे में लगे हैं।
DPI का यह नवीनतम रुख संकेत दे रहा है कि इस बार अनुपालन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अब सबकी नजरें जिला शिक्षा अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे अपने चहेते कर्मचारियों को मूल स्कूलों में भेजने के लिए कितनी सख्ती दिखाते हैं।DPI Chhattisgarh Teacher Attachment Order











