दुर्ग के बाजारों में चिल्लर की कमी से बढ़ी परेशानी, फुटकर व्यापारियों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

दुर्ग जिले में छोटे नोटों और सिक्कों की कमी को लेकर फुटकर व्यापारियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच भी बड़ी संख्या में ग्राहक नकद लेनदेन करते हैं, जिससे चिल्लर की कमी उनके कारोबार पर असर डाल रही है। इस संबंध में व्यापारियों ने जनदर्शन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की है।

छोटे व्यापारियों के सामने बढ़ी चुनौती

फुटकर सब्जी विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों का कहना है कि उनका अधिकांश व्यापार छोटे लेनदेन पर आधारित है। ग्राहक अक्सर बड़े नोट देकर खरीदारी करते हैं, लेकिन बाजार में छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध नहीं होने से उन्हें लेनदेन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार, लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, जिससे रोजमर्रा का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

बैंकों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने की शिकायत

व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि बैंकों की ओर से उन्हें सीधे छोटे नोट और सिक्के उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि चिल्लर राशि व्यापारिक संगठनों को दी जाती है, जबकि फुटकर विक्रेताओं तक इसकी पर्याप्त पहुंच नहीं बन पाती। ऐसे में नकद भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

हर महीने चिल्लर उपलब्ध कराने की मांग

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि फुटकर विक्रेताओं के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए और बैंकों के माध्यम से नियमित रूप से छोटे नोट एवं सिक्के उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बावजूद नकद लेनदेन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में बाजार में चिल्लर की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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