मैहर: स्कूल निर्माण में 4.37 करोड़ के गबन की पुष्टि, तीन फर्मों के बैंक खाते होल्ड; अब तक 9 कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई

मैहर: जिले के रामनगर अनुभाग क्षेत्र की हायर सेकेंडरी और हाईस्कूलों में कराए गए लघु निर्माण कार्यों में बड़ा घोटाला सामने आया है. जांच पूरी होने के बाद इसमें 4 करोड़ 37 लाख 89 हजार 420 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है. जांच के बाद तीन निजी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. साथ ही आरोपित फर्मों के बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से होल्ड कर दिया गया है, ताकि रकम की निकासी न हो सके.

जिला शिक्षा अधिकारी ने एसपी को लिखा पत्र

सतना जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र क्रमांक 2440/सतर्कता/भवन/2026 दिनांक 4 फरवरी 2026 के माध्यम से पुलिस अधीक्षक मैहर को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा है. यह कार्रवाई कलेक्टर मैहर द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है.
फर्जी भुगतान से शासन को भारी नुकसान जांच में सामने आया कि शासकीय राशि का दुरुपयोग और फर्जी भुगतान कर शासन को सवा चार करोड़ रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है.

इस मामले में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ तीन निजी फर्मों को मुख्य आरोपी बनाया गया है. प्रशासन के अनुसार, इन फर्मों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी राशि का गलत उपयोग किया. इन 3 फर्मों में श्री महाकाल ट्रेडर्स-प्रोप्राइटरः शुभम नायक, रुद्र इंटरप्राइजेज प्रोप्राइटर: संजीव रजक, वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर मटेरियल सप्लायर- प्रोप्राइटर: लकी शामिल है.

बैंक खातों से निकासी पर पूरी तरह रोक

अनुविभागीय दंडाधिकारी रामनगर ने संबंधित बैंकों को निर्देश दिए हैं कि आरोपित फर्मों के खातों से कोई भी राशि नहीं निकाली जाए. लीड बैंक मैनेजर ने समन्वय कर खातों को होल्ड कराया है. आदेश में साफ कहा गया है कि यदि 5 फरवरी 2026 के बाद खातों से राशि निकाली गई, तो संबंधित बैंक अधिकारियों को भी इस अपराध में शामिल मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.

सतना और भोपाल में चल रहे हैं फर्मों के खाते

श्री महाकाल ट्रेडर्स-पंजाब नेशनल बैंक, कृष्णनगर (सतना), रुद्र इंटरप्राइजेज-एक्सिस बैंक, करौंद (भोपाल), वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर-कोटक महिंद्रा बैंक, चूना भट्टी (भोपाल) इन्हीं खातों में सरकारी भुगतान किया गया था. घोटाले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है.

अब तक 9 कर्मचारियों पर गिरी गाज

गुरुवार को तीन और प्राचार्यों को निलंबित किया गया है. इससे पहले भी तीन प्राचार्य सस्पेंड हो चुके हैं. वहीं 7 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अब तक इस मामले में 9 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें प्राचार्य, बीईओ और लिपिक शामिल हैं. माना जा रहा है कि आगे और भी कार्रवाई हो सकती है.