किस्मत ने चली ऐसी चाल फ्लैट देखने पहुंची लड़की को मिली नौकरी, फाउंडर्स से हुई बातचीत और मिल गया जॉब ऑफर

घर ढूंढना वैसे ही किसी सिरदर्द से कम नहीं है. ऊपर से अगर शहर बेंगलुरु जैसा हो, जहां किराया, लोकेशन और मकानमालिक के नियम अपनी-अपनी परीक्षा लेते हैं, तो घर की तलाश और भी मुश्किल हो जाती है. कभी बजट में सही फ्लैट नहीं मिलता, तो कभी ऑफिस से इतनी दूर लोकेशन मिलती है कि आने-जाने का हिसाब ही बिगड़ जाए. सिक्योरिटी डिपॉजिट और अलग-अलग शर्तें तो अपनी जगह हैं. लेकिन बेंगलुरु में घर ढूंढते-ढूंढते अगर आपको नौकरी भी मिल जाए, तो इसे क्या कहेंगे?

सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा चर्चा में है. Reddit पर Neembu_paani31 नाम के यूजर ने अपनी कहानी शेयर करते हुए इसे ‘पीक बेंगलुरु मोमेंट’ बताया. पोस्ट के मुताबिक, वह एक दिन पहले फ्लैट देखने निकली थीं. जिस फ्लैट को देखने जाना था, वहां संबंधित व्यक्ति मौजूद नहीं था. ऐसे में उन्होंने उसी बिल्डिंग में मौजूद एक दूसरे फ्लैट को देखने का फैसला किया, ताकि कम से कम वहां का इंटीरियर और बाकी चीजें देख सकें, लेकिन उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि इस छोटे से फैसले के बाद पूरा मामला ही बदल जाएगा.

किराए के घर के साथ मिली नौकरी

जिस फ्लैट में वह पहुंचीं, वहां एक AI स्टार्टअप के फाउंडर्स मौजूद थे. बातचीत शुरू हुई तो धीरे-धीरे बात काफी आगे बढ़ गई. उन्होंने फाउंडर्स से कंपनी, काम और स्टार्टअप को लेकर कई सवाल पूछे. बातचीत इतनी अच्छी चली कि सामने बैठे फाउंडर्स भी उनसे काफी प्रभावित हो गए. फिर जो हुआ, वो शायद घर देखने गई किसी भी शख्स की कल्पना से बाहर होगा. फ्लैट पसंद आया या नहीं, ये तो पता नहीं, लेकिन वहां से उन्हें नौकरी का ऑफर जरूर मिल गया. यानी जिस दिन का प्लान घर ढूंढने का था, उसी दिन करियर से जुड़ा एक नया मौका सामने आ गया.

मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि पोस्ट के मुताबिक यह कोई छोटी-मोटी कंपनी नहीं है. स्टार्टअप के ऑफिस बेंगलुरु और चेन्नई में हैं और आने वाले समय में दुबई और मलेशिया में भी ऑफिस खोलने की तैयारी बताई गई है. ऐसे में यूजर के लिए यह घर की तलाश से कहीं ज्यादा बड़ा सरप्राइज साबित हुआ. हालांकि, पोस्ट वायरल हुई तो लोगों की नजर नौकरी के ऑफर से ज्यादा एक छोटी सी गलती पर चली गई. पोस्ट में Malaysia की स्पेलिंग गलत लिखी गई थी. इसके बाद कई यूजर्स ने इसी गलती को पकड़ लिया और कमेंट्स में मजेदार अंदाज में इसका जिक्र करने लगे.

कुछ लोगों को पूरा किस्सा काफी मजेदार और भरोसे के लायक लगा, जबकि कुछ ने स्पेलिंग की गलती को लेकर सवाल भी उठाए. फिर भी कहानी ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. आखिर बेंगलुरु में घर ढूंढने निकले और बदले में नौकरी मिल जाए, तो इसे ‘पीक बेंगलुरु मोमेंट’ कहने में शायद कोई बुराई नहीं है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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