वन विभाग का नया कारनामा : हाईटेक बेरियर बना अवैध वसूली का अड्डा, बेरियर प्रभारी चेकिंग के नाम पर गाड़ियों से कर रहे वसूली

वन विभाग का कारनामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी लकड़ी की अवैध कटाई, सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग और फर्नीचर निर्माण घोटाले की राज्य की उड़नदस्ता टीम जांच कर रही है, जिसमें कई रेंजर, डिप्टी रेंजर और वन विभाग के एसडीओ की मिलीभगत की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच वन विभाग का एक और गंभीर मामला सामने आया है। बालोद जिले के आमाडुला मार्ग पर तालगांव के पास लगाए गए हाईटेक बेरियर पर चेकिंग के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है, जिसका एक्सक्लूसिव वीडियो सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, इस हाईटेक बेरियर पर तैनात प्रभारी मनसुख लाल ठाकुर आने-जाने वाली गाड़ियों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं, जबकि इस नाके को लगाने का उद्देश्य वनोपज की जांच करना और अवैध परिवहन पर रोक लगाना है, लेकिन अब यह बेरियर अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है।
न तो कोई रसीद दी जाती है, न ही आधिकारिक एंट्री
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बेरियर प्रभारी मनसुख ठाकुर गिट्टी लोड गाड़ियों को रोकते हैं, उनके दस्तावेज मांगते हैं और फिर प्रत्येक गाड़ी से 100 रुपये “एंट्री शुल्क” के नाम पर वसूली करते हैं। वीडियो में दो गाड़ियों से 200 रुपये लेते हुए उन्हें आगे जाने दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही आधिकारिक एंट्री की जाती है।
रोज गुजरती है गिट्टी, रेत, मुरुम, ईंट, सीमेंट से भरी सैकड़ों गाड़ियां
बताया जा रहा है कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों गाड़ियां गिट्टी, रेत, मुरुम, ईंट, लकड़ी, सेंट्रिंग सामग्री और सीमेंट लोड होकर गुजरती हैं, लेकिन बेरियर रजिस्टर में केवल गिनी-चुनी गाड़ियों की ही एंट्री होती है। यदि प्रत्येक गाड़ी से 100 रुपये भी वसूले जाएं तो रोजाना 10 हजार रुपये से अधिक की अवैध वसूली की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों का लगा रहता है आना-जाना
हैरानी की बात यह है कि यह बेरियर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पास ही ताल गांव की नर्सरी होने के कारण वन विभाग के अधिकारियों का इस मार्ग से नियमित आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद बेरियर पर हो रही अवैध वसूली पर कोई कार्रवाई नहीं होना, अधिकारियों की मौन सहमति की ओर इशारा करता है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी : एसडीओ
इस मामले में वन विभाग के एसडीओ किशोरी लाल ने कहा, जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दोषी कोई भी हो, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।











