former headmaster clerk sentenced jail- रिटायर शिक्षकों और बच्चों के वजीफे के पैसे हड़पने वाले पूर्व हेडमास्टर और क्लर्क को 6 साल की जेल
तिरुवनंतपुरम सतर्कता अदालत के न्यायाधीश मनोज ए. ने किलिमानूर स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक के. राजन और पूर्व लिपिक रियाज कलाम को विभिन्न अपराधों के तहत दोषी करार देते हुए कुल 27 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेगी, जिसका प्रभावी अर्थ छह साल की जेल है। इसके साथ ही दोषियों पर 4.54 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।

former headmaster clerk sentenced jail/केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम की एक सतर्कता अदालत ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक सरकारी स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक और लिपिक (क्लर्क) को छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
शिक्षा के क्षेत्र में विश्वासघात का यह मामला तब सामने आया जब जांच में पाया गया कि इन दोनों अधिकारियों ने मिलकर न केवल सरकार की आंखों में धूल झोंकी, बल्कि सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों और मासूम बच्चों के हक के पैसों पर भी हाथ साफ किया।
तिरुवनंतपुरम सतर्कता अदालत के न्यायाधीश मनोज ए. ने किलिमानूर स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक के. राजन और पूर्व लिपिक रियाज कलाम को विभिन्न अपराधों के तहत दोषी करार देते हुए कुल 27 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, जो साथ-साथ चलेगी, जिसका प्रभावी अर्थ छह साल की जेल है। इसके साथ ही दोषियों पर 4.54 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की जांच के अनुसार, यह पूरा गोरखधंधा जुलाई 2011 से अक्टूबर 2015 के बीच चलाया गया था।former headmaster clerk sentenced jail
उस दौरान रियाज कलाम स्कूल में लिपिक के पद पर तैनात था और के. राजन प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत थे। इन दोनों ने मिलकर कार्यालय प्रशासन की शक्तियों का जमकर दुरुपयोग किया।
जांच में खुलासा हुआ कि मार्च 2014 में सेवानिवृत्त हो चुके दो शिक्षकों के नाम पर इन आरोपियों ने फर्जी वेतन बिल तैयार किए और उस धनराशि को डकार गए। गबन की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई; आरोपियों ने छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, वजीफे और विभिन्न एकमुश्त सरकारी अनुदानों में भी भारी हेराफेरी की। वीएसीबी के मुताबिक, इस पूरी साजिश के तहत कुल 7,88,089 रुपये का गबन किया गया था, जो कि सरकारी खजाने और जरूरतमंद छात्रों के लिए एक बड़ा नुकसान था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 2021 में आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी, जिसमें लिपिक कलाम को मुख्य आरोपी और प्रधानाध्यापक राजन को दूसरा आरोपी बनाया गया था।former headmaster clerk sentenced jail
सतर्कता विभाग की गहन जांच के बाद जब अदालत में ठोस सबूत और चार्जशीट पेश की गई, तो अदालत ने इसे पद का दुरुपयोग और सार्वजनिक धन की चोरी का गंभीर मामला माना। न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि समाज में शिक्षा और विश्वास के पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा इस तरह का कृत्य स्वीकार्य नहीं है।











