‘घुसखोर पंडत’ विवाद थमा, मेकर्स सुप्रीम कोर्ट में बोले—फिल्म का नाम बदलेगा

दिल्ली। फिल्म ‘घुसखोर पंडत’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा है। फिल्म के मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि वे फिल्म का टाइटल बदल देंगे और पुराना नाम व प्रचार सामग्री वापस ले ली गई है।फिल्ममेकर नीरज पांडे की इस फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका में हैं, जिन्हें विभाग में ‘पंडत’ कहा जाता है।

3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने अपने ‘इंडिया प्लान 2026’ के तहत फिल्म का टीज़र जारी किया। इसके बाद फिल्म के शीर्षक को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ समूहों ने आरोप लगाया कि यह नाम समाज के एक वर्ग को बदनाम करता है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन हुए और मामला अदालत तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स से पूछा कि ऐसा शीर्षक क्यों चुना गया जिससे समाज के एक हिस्से की भावनाएं आहत हो सकती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक बदला हुआ टाइटल नहीं बताया जाएगा, फिल्म की रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह सुनवाई जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच के समक्ष हुई।

मेकर्स का जवाब

गुरुवार को फिल्ममेकर नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि:

‘घुसखोर पंडत’ का टाइटल वापस ले लिया गया है

संबंधित पब्लिसिटी मटेरियल भी हटा दिया गया है

नया टाइटल अभी फाइनल नहीं हुआ है

कोर्ट ने उनके एफिडेविट को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि यह सकारात्मक कदम है और उम्मीद जताई कि अब विवाद शांत हो जाएगा। साथ ही, बेंच ने यूट्यूबर्स और अन्य पक्षों से भी इस मुद्दे को आगे न बढ़ाने का आग्रह किया।

आगे क्या?

अब फिल्म नए नाम के साथ रिलीज की तैयारी करेगी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को भी नोटिस जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला सिर्फ शीर्षक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक नियामकीय पहलुओं पर भी विचार हो रहा है।

फिलहाल, टाइटल बदलने के फैसले से विवाद शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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