निजी कंपनियों से बिनी बिजली खरीदे अरबों रुपए बांट रही सरकार

० हर साल 30 से 35 हजार करोड़ की बिजली कपंनियों से खरीद रही
० 5 साल में सरकार ने किया 390 कंपनियों से बिजली खरीदने एग्रीमेंट
सीताराम ठाकुर, भोपाल। मप्र सरकार ने पिछले पांच साल के दौरान 390 निजी कंपनियों से बिजली खरीदने एग्रीमेंट किए हैं, जबकि बिना बिजली खरीदे ही सरकार हर साल अरबों रुपए निजी कंपनियों को बांट रही है। सरकार निजी और सरकारी कंपनियों से सालाना 30 से 35 हजार करोड़ की बिजली खरीदती है और बिजली खरीदी में बड़ा खेल किया जाता है। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

मप्र में बिजली खरीदने और बेचने के लिए सरकार ने पांच कंपनियां बना रखी है, जिनमें तीन कंपनियां मध्य, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र उपभोक्ताओं को बिजली बेचने का काम करती है, जबकि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी निजी और सरकारी कंपनियों से बिजली खरीदने में लगी हुई है। जबकि मप्र पारेषण कंपनी उत्पादन का काम देखती है। सबसे ज्यादा बिजली की खरीदी केंद्र सरकार की कंपनी एनटीपीसी से की जाती है। इससे सरकार सालाना 10 से 12 हजार करोड़ की बिजली खरीद रही है। इसके बाद जैनको कंपनी का नंबर आता है और इससे भी सरकार 12 हजार करोड़ की बिजली खरीद रही है। इसके अलावा एनपीसीआईएल, एनएचडीसी, एनवीडीए, एसजेवीएन लिमिटेड, डीवीसी, टोरंट (पीटीसी), बीएलए पावर, जेपी बीना, लैंको अमरकंटक, जेपी नीगरी, एमबी पावर, महान एनर्जी, यूएमपीपी आदि शामिल हैं।
कब कितने की बिजली खरीदी
वर्ष – राशि करोड़ में
2020-21- 26,017
2021-22- 27,589
2022-23 – 31,911
2023-24 – 33,704
2024-25 – 34,004
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इनसे बिना बिजली खरीदे बांटी राशि
कंपनी का नाम – 2023-24 2024-25
बड़ोनी पावर दिल्ली- 26.75 23.97
बैतूल विंडफार्म 32.78 30.95
डीजे एनर्जी दिल्ली 92.10 85.76
इटीशियन एनर्जी मुंबई 56.12 50.97
ग्रीनको प्राय. लिमि. 106.94 97.80
ओस्टो मध्य लिमिटेड 171.78 153.51
उत्तर ऊर्जा प्रोजेक्ट 77.85 71.23
सेकी जेएस डब्लू 9.23 215.77
सिरमौर लघु जल 112.52 106.80
एथेना जयपुर 31.43 128.50
अरिनसुन क्लीन 135.82 138.06
आईपीपी कंपनी 30.92 34. 84
2020-21 एवं 2021-22 में भुगतान
एनटीपीसी संयंत्र 583.24 354.15
पावर जनरेटिंग कं. 305.33 00
राशि करोड़ रुपए में
नोट: ऐसी 361 निजी कंपनियों को सरकार बिना
बिजली खरीदे करोड़ों रुपए का भुगतान कर रही है।

बिजली खरीदने 390 कंपनियों से किया एग्रीमेंट
मप्र सरकार ने वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 के बीच बिजली खरीदने के लिए एग्रीमेंट किया है, उनमें एनटीपीसी, एनपीसीआईएल, अडानी पावर, एनपीसीआईएल, सारदा एनर्जी, जिंदल इंडिया पावर, आरकेएम, एनएचपीसी, सेकीं ब्लेंडेड पावर, तलेतुताई सोलर प्रोजेक्ट, टीपी सूर्या, अवाडा सनशाइन एनर्जी मेसर्स रेनी एनर्जी, मेसर्स पुरुषोत्तम सनग्रो, आदित्य सिंह राजपूत, जे रवि प्रसाद, मेसर्स बंसल पावर, मेसर्स आनंद ट्रेडिंग कंपनी, योगेंद्र सिंह पटेल, नवीन खरे, फाइन वाइब्स सर्विसेज आदि से 15 से 25 साल के लिए बिजली खरीदने एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं।

सब्सिडी पर बंट रही राशि
मप्र सरकार अटल कृषि योजना में अक्टूूबर 2025 तक 4,494 करोड़, टैरिफ सब्सिडी के रूप में 917 करोड़, नि:शुल्क विद्युत प्रदाय आपूर्ति पर 1082 करोड़, मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना में 1896 करोड़ सहित अन्य योजनाओं पर सरकार ने सब्सिडी के रूप में 12,208 करोड़ रुपए की राशि बांट दी है। इस संबंध में एसीएस ऊर्जा नीरज मंडलोई से चर्चा करनी चाही तो उनसे बात नहीं हो सकी।