नागौद के शिवराजपुर में हनुमंत कथा का शुभारंभ, पं. धीरेंद्र शास्त्री बोले- राष्ट्र और धर्म इंसान की दो आंखें

नागौद पन्ना–सतना जिले की सीमा पर स्थित शिवराजपुर गांव के दहलान धाम में बुधवार से धार्मिक अनुष्ठानों और हनुमंत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर बागेश्वर पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राष्ट्र और धर्म को लेकर महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि “राष्ट्र और धर्म इंसान की दो आंखों के समान हैं. जिस प्रकार एक आंख के बिना व्यक्ति काना कहलाता है, उसी प्रकार राष्ट्र और धर्म में से किसी एक की उपेक्षा नहीं की जा सकती.”
पं. शास्त्री ने यह बात तब कही जब उनसे यह प्रश्न किया गया कि राष्ट्र और धर्म में से कौन बड़ा है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और किसी एक को अलग कर देखने की सोच ही समाज को कमजोर करती है. अपने संबोधन के दौरान पं. धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर यह दोहराया कि हिंदुत्व को सबसे बड़ा खतरा उन हिंदुओं से है, जो धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तन को ढंकने के लिए वस्त्र आवश्यक हैं, उसी प्रकार राष्ट्र की रक्षा और पहचान के लिए धर्म की आवश्यकता है.
शिवराजपुर गांव पहुंचने पर बागेश्वर धाम सरकार का ग्रामीणों और श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान पं. शास्त्री ने गांव की प्रशंसा करते हुए कहा कि “यह गांव जंगल में बसने के बावजूद मंगल से भरा हुआ है.” उन्होंने ग्रामीणों की आस्था और आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की.
5 फरवरी को दिव्य दरबार, 6 को हनुमंत कथा का समापन
पं. शास्त्री ने जानकारी दी कि 5 फरवरी को कथा स्थल पर एक घंटे का दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. वहीं 6 फरवरी को हनुमंत कथा का विधिवत समापन होगा. यह धार्मिक अनुष्ठान मुंबई के उद्योगपति रुद्र प्रताप त्रिपाठी द्वारा आयोजित किया जा रहा है. आयोजन की श्रृंखला के तहत 7 फरवरी से 15 फरवरी तक श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन किया जाएगा. इस कथा में प्रयागराज धाम वाशिम (महाराष्ट्र) के पुजारी निर्मल कुमार शुक्ला कथा व्यास के रूप में उपस्थित रहेंगे.
रुद्र महायज्ञ और महा रुद्राभिषेक का आयोजन
आयोजन के अंतर्गत रुद्र महायज्ञ भी संपन्न होगा, जिसमें 18 पुराण, 6 शास्त्रों के पाठ के साथ महामृत्युंजय जाप और महा रुद्राभिषेक अनुष्ठान शामिल रहेगा. पूरे धार्मिक कार्यक्रम का समापन 16 फरवरी को विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा. धार्मिक आयोजनों को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारियां की जा रही हैं.











