धार कोठी में पेड़ कटाई पर हाई कोर्ट सख्त, अगले आदेश तक रोक

धार कोठी क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब नगर निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों ही पेड़ काटने से इंकार कर रहे हैं, तो आखिर पेड़ काट कौन रहा है। कोर्ट ने इस मामले में दोनों विभागों से लिखित जवाब मांगा है और अगले आदेश तक क्षेत्र में किसी भी पेड़ की कटाई पर रोक लगा दी है।

मामले की सुनवाई एक जनहित याचिका पर की गई, जिसे संजीदा इकबाल ने अपने अधिवक्ता मो. इमरान खान के माध्यम से दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि विकास कार्यों के नाम पर धार कोठी क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है।

पिछली सुनवाई में नगर निगम ने कोर्ट को बताया था कि जिस स्थान पर काम चल रहा है, उससे निगम का कोई संबंध नहीं है और वहां पीडब्ल्यूडी काम कर रहा है। वहीं हालिया सुनवाई में पीडब्ल्यूडी की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य तो चल रहा है, लेकिन कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा है।

दोनों विभागों के अलग-अलग दावों पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के शहर में कोई भी पेड़ नहीं काटा जा सकता। यदि इसके बावजूद कटाई हो रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

कोर्ट ने नगर निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों से पूरे मामले पर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक धार कोठी क्षेत्र में किसी भी पेड़ की कटाई नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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