केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव में होम वोटिंग की सुविधा, 2.37 लाख मतदाताओं को राहत

चुनाव आयोग ने केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान की विशेष सुविधा प्रदान की है। इस व्यवस्था के तहत कुल 2.37 लाख से अधिक मतदाता अपने घर से ही मतदान कर सकेंगे।
यह सुविधा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत दी गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान दल निर्धारित तिथि पर मतदाताओं के घर पहुंचकर वोट डलवाएगा। यदि किसी कारणवश मतदाता पहली बार उपलब्ध नहीं होता है, तो टीम दोबारा भी पहुंचेगी। यह प्रक्रिया 5 अप्रैल तक पूरी की जाएगी।
मतदान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी और सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहेगा। साथ ही, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ऐसे मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई जाएगी और उनके प्रतिनिधि भी मतदान दल के साथ जा सकेंगे।
आंकड़ों के अनुसार, केरल में 85 वर्ष से अधिक आयु के 1,45,521 और 62,240 दिव्यांग मतदाता हैं। असम में 19,774 वरिष्ठ नागरिक और 6,638 दिव्यांग मतदाता इस श्रेणी में आते हैं, जबकि पुडुचेरी में 2,066 वरिष्ठ नागरिक और 1,621 दिव्यांग मतदाता इस सुविधा के पात्र हैं।
जो मतदाता घर से मतदान नहीं करना चाहते, उनके लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।











