बुजुर्गों में भूलने की बीमारी को कैसे रोका जाए? डॉक्टर ने बताए डाइट और लाइफस्टाइल के असरदार तरीके

बुजुर्गों में हाई बीपी और शुगर जैसी बीमारी तो आम हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ भूलने की बीमारी, मानसिक तनाव जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. इस वजह से बुजुर्गों को काफी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर ध्यान दिया जाए तो इन समस्याओं को काफी हद तक आसानी से काबू में किया जा सकता है. बुजुर्गों में भूलने की बीमारी और मानसिक तनाव क्यों होता है. इसके लक्षण, कारण और बचाव के बारे में एक्सपर्ट से जानेंगे.
दिल्ली एम्स के नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के पूर्व एडिशनल सुप्रीडेंटेंड डॉ. प्रसून चटर्जी ने मीडिया से बातचीत की . डॉ प्रसून बताते हैं कि बुजुर्गों में कई तरह की बीमारियां आम होती हैं, जैसे शुगर, बीपी, हड्डियों और मांसपेशियों में कमजोरी होना, लेकिन इनके साथ- साथ भूलने की बीमारी के मामले भी काफी आते हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि इसको काबू में किया जा सकता है, लेकिन डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के 80 प्रतिशत मामलों में शुरुआती स्टेज पर पहचान ही नहीं हो पाती है. यही वजह है कि जब तक परिवार को इसके लक्षण समझ आते हैं, तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी होती है.
भूलने की समस्या का असर क्या होता है











