1 मार्च को जंतर मंतर पर विशाल जनसभा…दिल्ली बेहाल जन संवाद में AAP ने BJP सरकार पर बोला हमला

चिराग दिल्ली में दिल्ली बेहाल जन संवाद के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शुरू से ही सेठ-साहूकारों और बड़े-बड़े धन्नासेठों की पार्टी रही है. ये लोग चुनाव के समय ही गरीबों के बीच आते हैं, झुग्गियों में रोटी खाते हैं और कैरम बोर्ड खेलते हैं. दिल्ली में 8 लाख गरीब लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं.
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली बेहाल जनसंवाद कैंपेन के तहत रविवार को चिराग दिल्ली में बड़ी सभा कर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला. दिल्ली में हर मंडल पर दिल्ली बेहाल जन संवाद चल रहे है. इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की सरकार है फिर भी दिल्लीवाले बेहाल हैं. सरकार के एक साल बीत गए, लेकिन न महिलाओं को 2500 रुपए मिले और ना ही बस मार्शलों को पक्की नौकरी मिली. एक मार्च को आम आदमी पार्टी जंतर मंतर पर विशाल जनसभा कर बेहाल दिल्ली की जनता की आवाज उठाएगी.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली में 8 लाख गरीब लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं. 25,000 विधवाओं और हजारों बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी है. क्योंकि भाजपा को गरीबों से नफरत है. वे गरीबों की झुग्गियों और मकानों पर बुलडोजर चला रहे हैं और अमीरों के साथ बैठकर डांस कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण कम करने, नकली यमुना बनाने और 370 मोहल्ला क्लीनिकों का नाम आरोग्य मंदिर करने का फर्जीवाड़ा किया गया.
मोहल्ला क्लीनिकों को क्यों किया जा रहा बंद
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि शेख सराय में पानी टंकी के नीचे बनाए गए मोहल्ला क्लीनिक में सबसे ज्यादा गांव की महिलाएं इलाज के लिए आती थीं. महिलाएं पैसे व समय की कमी के कारण डॉक्टर के पास नहीं जा पातीं हैं. ऐसे में मोहल्ला क्लीनिक में डायबिटीज, थायरॉइड और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के फ्री टेस्ट और फ्री दवाइयां मिलने से उन्हें बहुत सुविधा हुई थी. लेकिन भाजपा की सीएम रेखा गुप्ता एक- एक कर मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर रही है. मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर हजारों युवाओं को बेरोजगार कर दिया और अब 6 हजार बस कंडक्टरों को निकाल रहे हैं.
आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का झूठा दावा
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का झूठा दावा कर रही हैं. असलियत में उन्होंने अरविंद केजरीवाल के समय बनी डिस्पेंसरियों की रंगाई पुताई कर उस पर आरोग्य मंदिर लिखवा दिया है. यह खुल्लम-खुल्ला फर्जीवाड़ा और फ्रॉड है. कोठियों में रहने वाला आदमी सोचता है कि रेखा गुप्ता बहुत अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन गांव का आदमी सच्चाई जानता है, क्योंकि वह धरातल पर सब देख रहा है. भाजपा ने एक साल में गांव के लिए कोई काम नहीं किया है. सीवर, चौपाल, सड़क के काम आप सरकार में पास कराए गए बजट से हो रहे हैं.
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले 8-9 सालों से आप सरकार दिल्ली के 360 गांवों के लिए शाहपुर जट गांव में एक शाहपुर जट फेस्टिवल करवाती थी. इसमें गांव के बुजुर्ग भी फैशन शो करते थे. लेकिन भाजपा की विधायक ने यह फेस्टिवल बंद करवा दिया और उसे गांव से उठाकर ग्रेटर कैलाश की कोठियों में ले गईं. भाजपा को लगता है कि फेस्टिवल का हक सिर्फ कोठियों वालों को है, गांव वालों को नहीं. इस फेस्टिवल में कोई आना नहीं चाहता है. शनिवार को भाजपा वाले फेस्टिवल में ले जाने के लिए रेहड़ी पटरी वालों को बसों में भर रहे थे. लोगों ने बताया कि उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर बस में बैठकर नहीं गए, तो रेहड़ी-पटरी नहीं लगाने दी जाएगी.
महिलाओं के खाते में 2500 रुपए कब आएंगे
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की महिलाओं को गारंटी दी थी कि चुनाव जीतते ही मार्च से हर महिलाओं के खाते में 2500 रुपए आएंगे. लेकिन किसी भी महिला को 2500 रुपए नहीं मिले. भाजपा वालों की बात कोई नहीं मानता क्योंकि सब जानते हैं कि वे झूठे हैं. इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी खुद मैदान में उतरे थे. लेकिन चुनाव के बाद वे भी गायब हो गए. किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह प्रधानमंत्री से 2500 रुपयों के बारे में पूछ सके. जो सवाल पूछेगा, उसके यहां ईडी और सीबीआई का छापा पड़ जाएगा और उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
प्रदूषण मापने वाले मीटर भी बंद कर दिए
सौरभ भारद्वाज ने प्रदूषण और यमुना सफाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि छठ पूजा पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खूब इंटरव्यू दिए कि उन्होंने आठ महीने में यमुना साफ कर दी है, जो काम अरविंद केजरीवाल 10 साल में नहीं कर पाए. लेकिन बाद में इनकी पोल खुल गई कि इन्होंने नकली यमुना बनाई थी. दिल्ली में कई दिनों तक पीने का पानी इसलिए नहीं आया क्योंकि पानी के पाइप से उस नकली यमुना को भरा गया था, ताकि यमुना साफ होने के फर्जी इंटरव्यू दिए जा सकें. इसी तरह भाजपा सरकार ने प्रदूषण मापने वाले मीटर बंद कर दिए और जो चालू थे.











