होर्मुज खुला तो बदलेगा खेल! UAE और सऊदी को मिलेंगे कई बड़े फायदे

मध्य पूर्व में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है. फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ने वाला यह जलमार्ग केवल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को मिलता है. दोनों देशों की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल और गैस निर्यात पर आधारित है, इसलिए इस समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर उनकी आय पर पड़ता है.

तेल निर्यात में आएगी तेजी

सऊदी अरब और UAE दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल हैं. दोनों देश प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल वैश्विक बाजारों में भेजते हैं और इसका अधिकांश हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ही गुजरता है.

जब इस मार्ग में तनाव या अवरोध पैदा होता है, तो तेल निर्यात प्रभावित होने लगता है. जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ जाती है और कई बार कंपनियां वैकल्पिक रास्तों की तलाश करने लगती हैं. लेकिन होर्मुज स्ट्रेट खुलने पर दोनों देश अपनी पूरी उत्पादन और निर्यात क्षमता का उपयोग कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी राजस्व में स्थिरता आती है और आर्थिक विकास योजनाओं को गति मिलती है.

गैर-तेल व्यापार को भी मिलेगी राहत

होर्मुज केवल तेल परिवहन का रास्ता नहीं है. खाड़ी देशों के लिए खाद्यान्न, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं का आयात भी इसी समुद्री मार्ग से होता है.

यदि होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बाधित रहता है, तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है. इससे निर्माण परियोजनाओं की लागत बढ़ सकती है और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है.

होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद इन वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रहती है, जिससे घरेलू उद्योगों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फायदा मिलता है. विशेष रूप से सऊदी अरब के विजन 2030 जैसे महत्वाकांक्षी विकास कार्यक्रमों के लिए सुचारू आपूर्ति व्यवस्था बेहद जरूरी है.

शिपिंग और बीमा लागत में कमी

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने पर समुद्री परिवहन कंपनियां जोखिम को देखते हुए जहाजों के बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई शुल्क बढ़ा देती हैं. इसका असर निर्यातकों और आयातकों दोनों पर पड़ता है.

जब होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित और खुला रहता है, तो समुद्री परिवहन का जोखिम घट जाता है. इसके परिणामस्वरूप बीमा लागत और शिपिंग शुल्क कम हो जाते हैं. इससे तेल कंपनियों के मुनाफे में सुधार होता है और आयातित वस्तुएं भी अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापारिक लागत में कमी आने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलती है.

वैश्विक बाजार हिस्सेदारी बचाने में मदद

यदि होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो दुनिया के बड़े तेल खरीदार अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं. अमेरिका, ब्राजील, गुयाना और अफ्रीकी देशों जैसे वैकल्पिक उत्पादकों को इसका लाभ मिल सकता है.

ऐसी स्थिति में सऊदी अरब और UAE को अपने पारंपरिक ग्राहकों को खोने का खतरा रहता है. लेकिन जलडमरूमध्य खुलने पर दोनों देश फिर से वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रख सकते हैं और प्रतिस्पर्धी देशों से खोई हुई हिस्सेदारी वापस हासिल कर सकते हैं.ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि निर्यात में निरंतरता बनाए रखना खाड़ी देशों के लिए लंबे समय में बेहद महत्वपूर्ण है.

UAE को मिलता है विशेष रणनीतिक लाभ

संयुक्त अरब अमीरात के पास एक ऐसा बुनियादी ढांचा है जो उसे अन्य खाड़ी देशों की तुलना में कुछ अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है. UAE की हबशन-फुजैरा पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करती है और कच्चे तेल को सीधे ओमान की खाड़ी तक पहुंचाती है.

इसका फायदा यह है कि यदि किसी कारण से होर्मुज में व्यवधान पैदा होता है, तब भी UAE अपने तेल का एक हिस्सा निर्यात कर सकता है. यही वजह है कि संकट के समय UAE की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है.

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जलडमरूमध्य खुलने पर UAE को भी व्यापक लाभ मिलता है. इससे उसके तेल निर्यात की क्षमता बढ़ती है, गैर-तेल व्यापार सुचारू होता है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता कम होती है.

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है. इसके खुले रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता बनी रहती है और तेल कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम हो जाती है.

भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों के लिए भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए होर्मुज में स्थिरता का फायदा केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलता है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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