बिलासपुर में बगैर जांच के पुलिस ने कर दी FIR:महिला ने धमकाने का लगाया आरोप, कांग्रेस नेता बोले- उस समय सामाजिक मीटिंग में था

छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस पर बगैर जांच किए केस दर्ज करने का आरोप लगा है। तेलीपारा नवीन प्लाजा के पास रहने वाली सुनीता पटेल ने थाने में शिकायत की कि 16 नवंबर की रात 9 से 9.30 बजे कांग्रेस नेता श्याम कश्यप शराब पीकर आया।
इस दौरान नशे में वो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए धक्का मुक्की की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
इस मामले में श्याम कश्यप का कहना है कि महिला ने जिस समय ये सभी आरोप लगाए उस समय वे अपने समाज की बैठक में थे। उन्होंने पुलिस से मिलीभगत कर जमीन विवाद के मामले में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
पुलिस से मिलीभगत कर झूठी एफआईआर कराने का आरोप
निराला नगर के रहने वाले कांग्रेस नेता श्याम कश्यप ने एसएसपी और आईजी से शिकायत की है। इसमें उन्होंने बताया कि सुनीता पटेल ने अपने बेटे नवीन और बहू के साथ मिलकर उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें पुलिस की भी मिलीभगत है।
उन्होंने बताया कि 16 नवंबर की शाम से लेकर देर रात तक वो कुशवाहा कल्याण विकास समिति की सामाजिक बैठक में थे। उस समय उनके साथ समाज के पदाधिकारी और बहुत से सदस्य मौजूद थे। ऐसे में वो शराब पीकर किसी के घर कैसे जा सकता है।
जो घटना हुई नहीं, उसकी लिख दी रिपोर्ट
श्याम कश्यप ने आरोप लगाते हुए कहा कि जो घटना हुई ही नहीं है, उसकी पुलिस ने फर्जी व झूठी रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस को घटनास्थल पर जाना चाहिए।
नवीन प्लाजा के आसपास बहुत सी दुकानें हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इसकी जांच करनी चाहिए थी। लेकिन, पुलिस ने महिला की शिकायत की जांच किए बिना ही केस दर्ज कर लिया है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
श्याम कश्यप ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने बैठक में मौजूद रहने का दस्तावेज भी पेश किया है, जिसमें बताया गया है कि बैठक में समाज के 20 से अधिक लोग मौजूद थे, जो घटना की सच्चाई बता सकते हैं।
श्याम कश्यप ने झूठी एफआईआर दर्ज कर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।
जमीन विवाद पर फंसाने पहले भी की थी झूठी शिकायत
श्याम कश्यप ने बताया कि उनके बेटे शिशिर कश्यप व बेटी ने अपनी मां की संपत्ति पर हिस्सेदारी के लिए केस किया है। दिव्यानंद पटेल के साथ जमीन को लेकर विवाद है, जो मामला कोर्ट में लंबित है। इसी केस के चलते उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
इससे पहले भी साल 2024 में उनके खिलाफ तारबाहर थाने में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच के बाद सच्चाई पुलिस अफसरों को भी पता चली। जिस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है। एक बार फिर उसी तरह से उन्हें फंसाने के लिए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।











