खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई पर भारत का तीखा ऐतराज: 3 नाविकों की मौत के बाद जयशंकर ने रूबियो को लगाई फटकार

नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत कर इस घटना पर भारत की गंभीर चिंता जाहिर की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
ओमान तट के पास हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, 10 जून को ओमान तट के पास पलाऊ में पंजीकृत वाणिज्यिक टैंकर सेटेबेलो पर अमेरिकी हमला हुआ था। जहाज में 24 भारतीय नाविक सवार थे। घटना के बाद 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीयों की मौत हो गई।
मृतकों में डेक कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल हैं।
अमेरिकी दूतावास को किया तलब
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन और चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है।
मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
इससे पहले 8 जून को मारिवेक्स और 11 जून को जलवीर नामक जहाजों पर भी हमले हुए थे। इन घटनाओं में 40 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। लगातार हो रही घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।











