बिना डिग्री और ट्रेनिंग, लेजर ट्रीटमेंट कर रहे ब्यूटी पार्लर… स्टिंग ऑपरेशन में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

 रायपुर। राजधानी समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में बिना मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के नाई और ब्यूटी पार्लर संचालक लेजर तकनीक से मुंहासे, झुर्रियां, टैनिंग और अनचाहे बाल हटाने का दावा कर रहे हैं। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यह सामने आया कि शहर में अनट्रेंड स्टाफ द्वारा खतरनाक लेजर ट्रीटमेंट किए जा रहे हैं।

नईदुनिया की जांच में शहरों में चल रहे दर्जनों फर्जी लेजर क्लीनिकों का पर्दाफाश हुआ है। इन क्लीनिकों में न डॉक्टर हैं, न कोई तकनीकी प्रमाणपत्र सिर्फ एक कुर्सी, एक मशीन और बड़े-बड़े दावे। जब टीम ग्राहक बनकर पहुंची तो सामने आया कि ब्यूटी पार्लर और नाई अब खुद को स्किन एक्सपर्ट बताकर झुर्रियों, मुंहासों और अनचाहे बालों का इलाज कर रहे हैं।

शहर के दर्जनों पार्लरों और सैलूनों में बिना किसी मेडिकल योग्यता और वैध अनुमति के लेजर ट्रीटमेंट का अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।
विशेषज्ञ जरूरी क्यों?
लेजर ट्रीटमेंट हमेशा योग्य त्वचा विशेषज्ञ द्वारा ही किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे जलन, पिगमेंटेशन, घाव और त्वचा की बनावट बिगड़ने जैसे खतरे होते हैं। लेकिन सस्ते इलाज और झूठे वादों के चक्कर में लोग गैर-प्रशिक्षित लोगों से इलाज करवा रहे हैं, जिससे उनकी त्वचा और अधिक खराब हो रही है।
स्टिंग 1: तेलीबांधा, संस्था: सॉफ्ट टच लेजर एंड ब्यूटी क्लिनिक

 

रिपोर्टर: मैं फेयरनेस ट्रीटमेंट करवाना चाहता हूं, क्या लेजर करते हैं?

संचालिका: हां जी, हमारे यहां फुल फेस लेजर, पिग्मेंटेशन, डार्क स्पॉट्स सबका इलाज होता है
रिपोर्टर: ये लेजर सुरक्षित है? डॉक्टर से पूछना जरूरी नहीं?

 

संचालिका: हमने पुणे से सर्टिफिकेट लिया है। ऑनलाइन ट्रेनिंग हुई है। कोई डरने की बात नहीं है।

रिपोर्टर: कितने सेशन लगेंगे?
संचालिका: तीन से चार सेशन में फर्क दिखने लगेगा। एक सेशन 999 रुपये का है।

 

रिपोर्टर: कोई स्किन चेक होती है पहले?

संचालिका: नहीं, हमने इतने केस देखे हैं कि अब समझ आ जाता है किसको क्या देना है।

रिपोर्टर: अगर जल गया या दाने हो गए तो?

संचालिका: पहली बार में हल्का रेडनेस आता है, ये सामान्य है। अगली बार ठीक हो जाएगा।

रिपोर्टर: कोई दवाइयां लेनी पड़ती हैं इसके बाद?
संचालिका: नहीं, हम खुद क्रीम देते हैं, उसी से सुधार हो जाता है।

 

रिपोर्टर: डॉक्टर वाला क्लिनिक इससे बेहतर कैसे है?

संचालिका: डॉक्टर तो महंगे हैं और उनका अपॉइंटमेंट मिलना भी मुश्किल है। हमारे यहां सस्ता और तुरंत इलाज होता है।
रिपोर्टर: कोई सरकारी अनुमति या रजिस्ट्रेशन?
संचालिका: अभी रिन्यू करवा रहे हैं, लेकिन तीन साल से कर रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं हुई।
स्टिंग 2: शंकर नगर, संस्था: फेयर स्किन ब्यूटी स्टूडियो
रिपोर्टर: चेहरे पर बहुत दाग-धब्बे हैं, स्किन ग्लो नहीं कर रही, लेजर करवाना है।
संचालक: बिल्कुल कर देंगे सर, यहां रोज़ तीन-चार लोग आते हैं। रिजल्ट एकदम क्लियर मिलेगा।
रिपोर्टर: ये तो डॉक्टर ही करते हैं ना?
संचालक: अरे नहीं साहब, अब ये सब पार्लर में ही होता है। डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नहीं।
रिपोर्टर: कोई साइड इफेक्ट हुआ तो?
संचालक: कुछ नहीं होता। हम तीन साल से कर रहे हैं। सबके साथ अच्छा रिजल्ट आया है।
रिपोर्टर: आपके पास कौन सी मशीन है?
संचालक: जापान की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है। एक ही सेशन में फर्क दिखेगा।
रिपोर्टर: कोई टेस्ट नहीं होता पहले?
संचालक: नहीं-नहीं, सीधा मशीन ऑन करके शुरू कर देते हैं।
रिपोर्टर: तो कोई फार्म या स्किन टाइप की जानकारी नहीं लेते?
संचालक: नहीं, बस थोड़ा बता दीजिए कि क्या परेशानी है, वही काफी है।
रिपोर्टर: मेरी स्किन थोड़ी सेंसिटिव है, एलर्जी होती है।

 

संचालक: तो पहले हल्का लेजर करेंगे, फिर अगली बार तेज। घबराने की ज़रूरत नहीं।
रिपोर्टर: अगर कोई इंफेक्शन हुआ तो?
संचालक: अभी तक किसी को नहीं हुआ। हम सॉफ्ट हैंड से करते हैं।
इन लोगों को ज्यादा खतरा:
  1. गर्भवती महिलाएं
  2. संवेदनशील त्वचा वाले लोग
  3. एलर्जी या इंफेक्शन ग्रस्त मरीज
  4. डायबिटीज से पीड़ित लोग
लेजर तकनीक के गलत उपयोग से त्वचा जल सकती है। इससे स्थायी दृष्टि हानि और रेटिना को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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