शिकारियों के जाल में फंसा तेंदुआ! 3 कोशिशों के बाद मिला नया जीवन

उचेहरा : उचेहरा वन परिक्षेत्र की कुशला बीट के बोदाहार गांव में शनिवार को एक तेंदुए की जान आफत में फंस गई. शिकारियों द्वारा बिछाए गए क्लच वायर के फंदे में फंसा यह तेंदुआ घंटों छटपटाता रहा. वन विभाग की तत्परता और मुकुंदपुर जू की विशेषज्ञ टीम की मदद से तेंदुए को न केवल सुरक्षित निकाला गया, बल्कि खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) की मदद से मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

2 घंटे की मशक्कत और 3 प्रयासों में मिली सफलता
शनिवार शाम करीब 4 बजे मुकुंदपुर जू से पहुंची रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला.वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता ने तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइजर गन का सहारा लिया. शुरुआती दो प्रयास विफल रहे, लेकिन तीसरे सटीक निशाने के बाद तेंदुआ बेहोश हुआ, जिसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक उसके शरीर में फंसे तार को काटकर उसे मुक्त कराया। मेडिकल परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे परसमनिया के घने जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया.

मुखबिर की सूचना पर हरकत में आया विभाग
रेंजर सचिन नामदेव के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि बोदाहार गांव के एक खेत की बाड़ी में तेंदुआ फंसा हुआ है.मौके पर पहुँचने पर देखा गया कि तेंदुए की कमर में क्लच वायर का फंदा लगा था.हालांकि, फंदा बहुत ज्यादा कसा नहीं था, लेकिन बाहर निकलने की कोशिश में तेंदुआ लगातार छटपटा रहा था.

डॉग स्क्वॉड ने 2 किमी पीछा कर शिकारी को पकड़ा
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने शिकारियों की तलाश शुरू की। डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से मिले क्लच वायर के आधार पर गंध का पीछा किया.खोजी कुत्ता करीब दो किलोमीटर तक पीछा करते हुए सीधे खोह गांव के एक घर में जा घुसा.आरोपी की पहचान: विनोद कुमार रावत (पिता राममिलन रावत). कबूलनामा:

कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी विनोद ने तेंदुए को फंसाने के लिए शिकार का जाल बिछाने की बात स्वीकार कर ली.कार्यवाही: वन विभाग ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा.इस सफल ऑपरेशन में परिक्षेत्र सहायक बृजमोहन रावत, भारत सिंह नागर, और पूरी गश्ती टीम की अहम भूमिका रही।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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