गाजीपुर में रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार, मंत्री ने खोला बसपा काल के फर्जीवाड़े का बड़ा राज

गाजीपुर : स्टांप एवं पंजीयन विभाग में पिछले काफी दिनों से लोगों को अपने जमीन की खरीद बिक्री करने में कई कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है जिसके कारण लोग सरवर स्लो होने का आरोप लगा रहे थे और जब इस मामले पर स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री से बात की गई उन्होंने एक ऐसा पोल खोल दिया जो पूर्व की सरकार से फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है.

उन्होंने बताया कि बसपा सरकार में एक पूर्व मंत्री ने एक जमीन का रजिस्ट्री कराया लेकिन रजिस्ट्री करने वाला व्यक्ति जेल में रहा और वह जमीन मंत्री के नाम से रजिस्ट्री हो गई इसके बाद जेल से आने पर उसे व्यक्ति ने शिकायत किया था और जब उसकी जांच हुई तो पता चला कि उसे व्यक्ति का आधार कार्ड भी सही लगा था.इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर अब सिर्फ आधार कार्ड ही नहीं बल्कि आधार कार्ड का वेरिफिकेशन ओटीपी के माध्यम से कराया जा रहा है जिससे लोगों को कुछ समस्याएं आ रही हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार स्टांप एवं पंजीयन विभाग में बहुत सारे तब्दीली कर इस विभाग को विकास के मुख्य धारा से जोड़ते हुए तीव्र गति से कार्य करने का दावा कर तो रही है लेकिन जिस जनपद के प्रभारी मंत्री खुद प्रदेश के स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री हो उस जनपद में लोगों को अपने जमीन की रजिस्ट्री और बैनामा कराने के लिए कई कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है इसके पीछे पीड़ितों ने यह बताया है कि यहां पर सरवर पिछले कई दिनों से खराब चल रहा है.

जिसके चलते इन लोगों को अपने रजिस्ट्री के लिए कई कई दिन विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तब भी उनके कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं वहीं विभागीय अधिकारियों की बात माने तो इस कार्य में जब से आधार कार्ड की वेरिफिकेशन और ओटीपी का ऑप्शन आया है तब से कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं.

जिसके वजह से रजिस्ट्री के कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ो लोगों की भीड़ तो लग रही है लेकिन जमीन की रजिस्ट्री मात्र कुछ लोगों का ही हो पा रहा है जिसके चलते रजिस्ट्री क्रेता विक्रेता के साथ ही अधिवक्ता और विभागीय अधिकारी भी काफी परेशान नजर आ रहे हैं.

इस मामले पर स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग में फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए तीन तरह के नए कार्य शुरू कर दिए गए हैं जिसके लिए पहले आधार कार्ड लगता था लेकिन अब आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है कि जिसका आधार कार्ड है वह व्यक्ति है या नहीं इसके अलावा यदि कोई 60 से 70 साल का बुजुर्ग है तो उसके आंखों की रेटिना भी इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से चेक की जा रही है.

इसके अलावा इसमें अब पैन कार्ड भी अनिवार्य कर दिया गया है जिससे कि अब चोरी को रोका जा सके रजिस्ट्री पर छूट करने का भी प्रावधान करने की योजना बनाई जा रही है.

इस दौरान उन्होंने फर्जीवाड़े की एक कहानी बताई कि बसपा सरकार में एक व्यक्ति जेल में बंद था और उसकी प्रॉपर्टी को एक पूर्व मंत्री ने अपने नाम रजिस्ट्री करा लिया जबकि वह व्यक्ति कह रहा था कि मैं जेल में था और जब चेक हुआ तो उसका आधार कार्ड भी सही था इसीलिए अब आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है ताकि ओटीपी उसके पास जाए और फिर उसे वेरिफिकेशन होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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