मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर वायरल सट्टेबाजी के वीडियो पर पुलिस का एक्शन, दी दबिश तो सच्चाई कुछ और ही निकली

रीवा: रीवा के बिछिया यादव बस्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, वहीं कई बार पुरानी या भ्रामक वीडियो के जरिए किसी को फंसाने की कोशिशें भी सामने आती हैं.
ऐसा ही एक मामला बिछिया से सामने आया है, जहाँ एक वायरल वीडियो के आधार पर आज 7 मार्च को बिछिया पुलिस ने बरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी की, लेकिन मौके पर सच्चाई कुछ और ही निकली.
बिछिया थाने का पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें सट्टेबाजी और जुए से संबंधित गतिविधियों का दावा किया गया था। वीडियो में ‘झल्लू यादव’ नामक व्यक्ति के घर पर अवैध गतिविधियां होने की बात कही गई थी. इस वीडियो के संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए बिछिया थाना पइंचार्ज ASI लखन नामदेव ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संबंधित पते पर छापेमारी की योजना बनाई। और बिछिया थाने के स्टाफ के साथ मौके पर जाकर दबिश दी.
वीडियो की पुष्टि के लिए पुलिस बल ने झल्लू यादव के घर पर दबिश दी और पूरे घर की गहन तलाशी ली। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी पुलिस को मौके से जुए, सट्टे या किसी भी अन्य अवैध गतिविधि से संबंधित कोई सबूत या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने झल्लू यादव की पत्नी और माता से भी पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि होली के समय कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था. पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि उसी पुरानी रंजिश के चलते विपक्षी पक्ष ने झल्लू यादव को बदनाम करने और कानूनी पचड़े में फंसाने के लिए यह “फर्जी” वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था.
मौके पर मौजूद थाना इंचार्ज लखन नामदेव ने बताया कि ”सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की तस्दीक के लिए आज हमने रेड की कार्रवाई की थी. पूरे घर की तलाशी ली गई, लेकिन सट्टे या जुए से संबंधित कोई सामान नहीं मिला है. अब तक की जांच से यह प्रतीत हो रहा है कि होली के समय हुए किसी विवाद के कारण रंजिशवश यह वीडियो वायरल किया गया है.”











