जबलपुर-भोपाल हाईवे पर ROB का दूसरा हिस्सा ढहने के मामले में बड़ी कार्रवाई, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट

जबलपुर। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर शहपुरा में बने रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का छह माह में दूसरा हिस्सा ढहने के बाद जबलपुर से भोपाल-दिल्ली तक हड़कंप है।
सोमवार देर रात मामले में ठेका कंपनी के दो प्रतिनिधियों पर एफआइआर दर्ज कराते हुए निर्माण के समय पदस्थ रहे एमपीआरडीसी के अधिकारियों की पेंशन रोकने पत्र लिखा गया है। मामले में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी जांच शुरू कर दी है।
पूर्व की लापरवाही और वर्तमान कार्रवाई
दरअसल, इस मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के पास है। पांच माह पहले भी इसी ओवरब्रिज का एक हिस्सा गिर गया था। तब विभाग ने सिर्फ ठेकेदार को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया था। रविवार को दूसरा हिस्सा ढहा तो जिम्मेदारों की नींद टूटी। 24 घंटे के भीतर ही तकनीकी जांच के लिए टीमें पहुंच गईं
कंपनियों के प्रतिनिधियों पर FIR
संभागीय महाप्रबंधक, मप्र सड़क विकास निगम जबलपुर राकेश मोरे के प्रतिवेदन पर सोमवार देर रात जबलपुर के शहपुरा थाने में सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली बांसवाड़ा राजस्थान की कंपनी वागड़ इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स सोरथिया वेल्जी रत्ना (जेवी) कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि विनोद जैन और मेसर्स आइसीटी प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के टीम लीडर हुकम सिंह परमार के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।
आरोप है कि दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने एमपीआरडीसी के निर्देश व दायित्वों का पालन नहीं किया। एफआइआर में दोनों आरोपितों के पते को अज्ञात में दर्शाया गया है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने देर रात लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि प्रतिनियुक्ति पर आए आरपी सिंह तत्कालीन संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी जबलपुर और संतोष शर्मा तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक जबलपुर ने ब्रिज निर्माण की गुणवत्ता में घोर लापरवाही बरती।
उल्लेख किया कि इनकी गलती से 50 साल के लिए बनने वाला ब्रिज चार साल में ही ढह गया। चूंकि दोनों अधिकारी लोनिवि से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, इसलिए विभाग दोनों की पेंशन रोकने या वापस लेने की कार्रवाई प्रस्तावित कर रहा है। वहीं वर्तमान में भोपाल में पदस्थ तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक जबलपुर आरएस चंदेल को शोकाज नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा है।
जर्जर होने का इंतजार करते रहे अधिकारी
रेल ओवर ब्रिज का एक हिस्सा 22 फरवरी की शाम साढ़े चार बजे ढह गया। इस ब्रिज का एक हिस्सा 13 सितंबर 2025 को भी धराशायी हो चुका है। तब मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने ब्रिज का क्षतिग्रस्त हिस्सा सुधार के लिए बंद रखा और आवागमन के लिए बाजू का हिस्सा चालू कर दिया।
इस बीच विभाग ने वागड़ इन्फ्रा कंपनी को नोटिस दिया। उसी समय गुणवत्ता खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद अफसरों ने मामले को पर्दा डाले रखा और दूसरे हिस्से के जर्जर होने का इंतजार किया।
लोक निर्माण मंत्री का वर्जन
आरओबी की रिटेनिंग वाल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद सड़क विकास निगम ने युद्धस्तर पर मरम्मत प्रारंभ कर दी है। एक माह में सुरक्षित यातायात पुनः प्रारंभ करेंगे। घटिया निर्माण गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर एफआइआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जा रही है।’ – राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री