MP मौसम पर अपडेट, 2 दिन और छाए रहेंगे बादल, आज भी 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर को फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम

मध्य प्रदेश से भले ही मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन अलग-अलग स्थानों पर बार-बार सक्रिय हो रही मौसम प्रणालियों के असर से पिछले एक हफ्ते से बादल- बारिश की स्थिति बनी हुई है। बुधवार, 21 अक्टूबर को शाजापुर, इंदौर, हरदा, राजगढ़, सीहोर और विदिशा जिलों में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। राजधानी भोपाल में शाम को बादल छा गए और तेज हवा चलती रही। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई।

आज, गुरुवार,22 अक्टूबर को प्रदेश के 11 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।  शुक्रवार को भी कुछ जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है । बीते दिन अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री पहुंच गया। इसके अलावा रीवा, पचमढ़ी, मंदसौर और दतिया समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। भोपाल,  खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

24 अक्टूबर को सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, वर्तमान में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण मध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर स्थित है।

इसके अलावा ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण के 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, इससे अक्टूबर अंत में फिर बारिश की स्थिति बन सकती है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है लेकिन इस बार 35.8 इंच (95.9%) बारिश रिकॉर्ड की गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन मध्य प्रदेश में सक्रिय रहा। इन आंकड़ों के हिसाब से इस साल प्रदेश में करीब 4% यानि 1.5 इंच बारिश कम हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया लेकिन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। राहत की बात ये है कि पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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