अब ‘बाबा’ का CA रडार पर, अशोक खरात केस में अब तक क्या-क्या हुआ? पूरी टाइमलाइन

नासिक में खुद को गॉडमैन बताने वाले कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की परतें अब तेजी से खुलती जा रही हैं. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर होता जा रहा है. अब अशोक खरात के वित्तीय लेन-देन को संभालने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को भी पुलिस के रडार पर लिया गया है.

माना जा रहा है कि अशोक खरात के CA से पूछताछ के बाद खरात के पैसों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. साथ ही शिवनिका नामक ट्रस्ट और उससे जुड़े वर्तमान व पूर्व सदस्यों से भी पूछताछ की तैयारी है. सूत्रों के अनुसार, शिवनिका ट्रस्ट के लेन-देन पर विशेष नजर रखी जा रही है. जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2018 में जहां इस ट्रस्ट की आय करीब 4 लाख रुपये थी, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया. इस अचानक बढ़ोतरी ने जांच एजेंसियों के संदेह को और गहरा कर दिया है.

घटनाक्रम की टाइमलाइन

  • 17 मार्च: देर रात पहला मामला दर्ज
  • 18 मार्च: तड़के एंटी-गुंडा स्क्वॉड द्वारा गिरफ्तारी
  • 19 मार्च: विशेष जांच दल (SIT) का गठन
  • 21 मार्च: अत्याचार और गर्भपात के दो मामले दर्ज
  • 23 मार्च: अत्याचार के तीन और मामले सामने आए
  • 24 मार्च: अविवाहित युवती की शिकायत पर नया केस दर्ज
  • 25 मार्च: रंगदारी (खंडणी) का मामला जोड़ा गया
  • 27 मार्च: अत्याचार और रंगदारी के दो नए मामले दर्ज
  • 1 अप्रैल तक: अदालत ने पुलिस हिरासत में भेजा

SIT ने जांच को तेज करते हुए खरात से जुड़े सभी लोगों और संस्थाओं को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. इस मामले में पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है. आज उनके साथ कई अन्य सदस्यों से भी पूछताछ हो सकती है.

दुबई तक पैसों के लेन-देन का कनेक्शन

इसी बीच, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि अशोक खरात कथित रूप से हवाला रैकेट भी चला रहा था. विदेशों, खासकर दुबई तक पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं. जांच एजेंसियों को कुछ अहम सबूत भी हाथ लगे हैं, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है. इसमें कुछ प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा रही है.

SIT द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर अब तक 100 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. हालांकि, लिखित शिकायत दर्ज कराने में अभी भी हिचकिचाहट देखी जा रही है. अधिकारी पीड़ितों को सुरक्षा का भरोसा देकर आगे आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

अशोक खरात के हथियार का लाइसेंस रद्द

इस बीच, प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अशोक खरात का हथियार लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. यह लाइसेंस वर्ष 2012 में जारी किया गया था और 2024 में इसका नवीनीकरण हुआ था. लेकिन मौजूदा परिस्थितियों और गंभीर आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसे रद्द करने का आदेश दिया है.

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