ओडिशा के चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर फरार होने वाले इंटर-स्टेट गिरोह के 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्होंने पहले शहर में किराए का मकान लिया और रेकी करने के बाद सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दिया। गिरोह के 3 सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से एक बाइकर्स गैंग सक्रिय था, जो सुबह के समय अकेली महिलाओं को देखकर चेन स्नैचिंग और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह ने एक के बाद एक तीन वारदातों को अंजाम दिया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं था। आरोपी अलग-अलग राज्यों में जाकर स्थानीय सहयोगियों की मदद से ठहरते थे। वहां भी महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग और लूट करते थे।
CCTV फुटेज से मिला सुराग, 6 आरोपी गिरफ्तार
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे दर्जनों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक बिना नंबर की संदिग्ध स्कूटी दिखाई दी। इसी बीच सिरगिट्टी क्षेत्र में एक महिला से मारपीट कर चेन लूटने की घटना भी सामने आई।
इससे पहले तोरवा क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात हुई थी। दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की गतिविधियों का मिलान करने पर पुलिस को एक ही गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि मिली। जांच में मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रेकी कर वारदात को अंजाम देता था गिरोह
जांच में पता चला कि गिरोह खासकर रूप से उन महिलाओं को निशाना बनाता था, जो सुबह टहलने निकलती थीं, घर के बाहर सफाई करती थीं या अकेली रहती थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था।
वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर महिलाओं की दिनचर्या और आवाजाही पर नजर रखते थे। मौका मिलते ही बिना नंबर की स्कूटी से पहुंचकर झपट्टा मारते और कुछ ही सेकंड में फरार हो जाते थे।
स्थानीय युवक बना गिरोह का मददगार
जांच के दौरान पुलिस गणेश नगर, सिरगिट्टी निवासी नवीन साहू तक पहुंची। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने ओडिशा निवासी साथियों को बिलासपुर बुलाया था। वह आरोपियों को अपने घर में ठहराने के साथ स्थानीय स्तर पर उनकी मदद भी कर रहा था।
इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
- दूसरे राज्यों से आकर शहर में अस्थायी ठिकाना बनाते थे।
- स्थानीय सहयोगियों से इलाके और संभावित शिकार की जानकारी जुटाते थे।
- सुबह या सुनसान समय में महिलाओं की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
- पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल करते थे।
- वारदात के बाद मुख्य सड़कों और हाईवे के रास्ते तुरंत फरार हो जाते थे।
- एक ही दिन में कई इलाकों की रेकी कर अगले कुछ दिनों में वारदात को अंजाम देते थे।
शहर में तीन वारदात, संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं
पूछताछ में आरोपियों ने तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में हुई तीन वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने मामले में लूट और चेन स्नैचिंग के अलावा संगठित अपराध तथा आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी हैं।
इससे आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद स्कूटी भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
- शिव सिंह (28), निवासी बसंती कॉलोनी, थाना उदित नगर, राउरकेला, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा)
- शक्ति प्रसाद (20), निवासी एसटीआई चौक के पास, गंगाधर नगर, थाना रघुनाथपाली, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा)
- नवीन साहू (32), निवासी गणेश नगर, ज्योति मेडिकल स्टोर के पास, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर
- प्रमोद सिंह (30), निवासी रायभोगा, थाना रायभोगा, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा)
- अतुल मुंडा (18), निवासी सिगमेड़ा, थाना उदितपुर (ओडिशा)
- बसंता खड़िया (20), निवासी ग्राम बोड़पोड़ा, जिला संबलपुर (ओडिशा), वर्तमान पता गणेश नगर, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर











