रीवा: बेघर परिवार की डेढ़ साल की बच्ची ने तोड़ा दम, शव लेकर IG दफ्तर पहुंचे परिजन; डिप्टी सीएम आवास पर अंतिम संस्कार की चेतावनी

रीवा: जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ प्रशासनिक और राजनीतिक रसूख की भेंट एक मासूम की जिंदगी चढ़ गई. लोही निवासी बृजभान सेन की 1 वर्ष 4 माह की नातिन अन्नपूर्णा सेन की एम्स भोपाल में मौत के बाद हड़कंप मच गया है. आज शनिवार को बिलखते परिजन मासूम का शव लेकर आईजी कार्यालय पहुंचे और स्थानीय नेताओं व प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया.
परिजनों का आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में रामनाथ सेन का घर गिरा दिया गया था. घर टूटने के बाद पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर था. इसी दौरान कड़ाके की ठंड की चपेट में आने से मासूम अन्नपूर्णा गंभीर रूप से बीमार हो गई. उसे इलाज के लिए पहले संजय गांधी अस्पताल रीवा में भर्ती कराया गया, जहाँ से हालत बिगड़ने पर उसे एम्स भोपाल रेफर किया गया था. लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके भोपाल में उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई है.
आईजी कार्यालय के बाहर परिजनों ने राजनीतियो से जुड़े व उनके करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना है कि वरुण मिश्रा और सबलू मिश्रा जैसे लोगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, जिन्होंने एक गरीब परिवार को तहस-नहस कर दिया. पीड़ित परिवार ने कहा, “एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया गया. हमारी मासूम की जान गई है, इसका श्राप दोषियों को लगेगा.” अगर आज हत्या का मामला दर्ज नही हुआ तो अमहिया में डिप्टी सीएम के घर के बाहर बच्ची का अँतिम संस्कार किया जाएगा चाहे मेरा मर्डर ही क्यो न हो जाये.
शव को लेकर घंटों प्रदर्शन करने वाले पीड़ित परिवार की केवल एक ही मांग है- न्याय. उनका कहना है कि घर गिराने वाले दोषियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज हो. पीड़ित परिवार को पुनर्वास और आर्थिक सहायता दी जाए. उन अधिकारियों पर कार्रवाई हो जिन्होंने रसूखदारों के इशारे पर घर गिराने की अनुमति दी. मासूम की मौत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या विकास और रसूख की वेदी पर अब गरीबों की बलि दी जाएगी?
आईजी कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक सहित अमहिया, चोरहटा, समान और विश्विद्यालय थानों का भारी पुलिस बल तैनात रहा. अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन परिजनों का कहना है जब तक दोनों के खिलाफ हत्या का मामला नहीं दर्ज होता है तब तक आईजी कार्यालय से शव लेकर नहीं जाएंगे.