एक मंच, 108 दुल्हनें, 1 लाख का सहयोग… गाजीपुर में सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन

उत्तर प्रदेश : सरकार के द्वारा गरीब और असहाय बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जो पिछले कई सालों से चलाई जा रही है और इस योजना में पहले जहां 51 हजार रुपए का बजट था वहीं पिछले सत्र से इसके लिए ₹100000 का बजट कर दिया गया है और इसी योजना को लेकर गाजीपुर जनपद को कुल 788 शादी करने का लक्ष्य शासन के द्वारा विभाग को सोपा गया था और इसी के कड़ी में इसके पूर्व में 688 शादियां संपन्न कराई जा चुकी थी.
वहीं बुधवार को गाजीपुर के तुलसीपुर स्थित आईटीआई के मैदान में 108 कन्याओं की शादी मंत्रोचार्य और धार्मिक परंपराओं के तहत संपन्न कराया गया इस दौरान कार्यक्रम में आए हुए ब्राह्मणों के द्वारा मंत्र आचार्य करते हुए शादी में जयमाल, सात फेरे और फिर सिंदूरदान का कार्यक्रम का आयोजन किया गया हालांकि हर बार बहुत सारी लड़कियों के माथे पर सिंदूर लगाकर सिर्फ खाना पूर्ति की जाती थी लेकिन इस बार समाज कल्याण विभाग के द्वारा लगाई गई महिला अधिकारियों के द्वारा जिन कन्याओं के माथे पर सिंदूर लगा हुआ पाया.
उन्हें पूरी तरह से सिंदूरदान का कार्यक्रम करा कर उनकी वीडियो ग्राफी और फोटोग्राफी किया गया और अंत में कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों के द्वारा सभी को शादी का प्रमाण पत्र दिया गया और फिर सामूहिक रूप से सभी वर और कन्या को आशीर्वाद देने का कार्यक्रम किया गया.
इस बार के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कोई भी सांसद विधायक या फिर एमएलसी नहीं रहे कारण की विधानसभा और लोकसभा सत्र चलने के कारण यह सभी लोग जनपद से बाहर रहे लेकिन गाजीपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल हुए और सभी वर और कन्याओं को आशीर्वाद देने का कार्य किया.
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बताया कि यह सभी बेटियों मुख्यमंत्री की बेटियां हैं लेकिन जब उनसे सवाल किया गया कि इस कार्यक्रम में दहेज के सारे रस्म पूरा करते हुए वर और कन्याओं को दहेज का सामान भी दिया जाता है बावजूद उसके कई मामले में बेटियों से दहेज मांगने का मामला भी सामने आया है जिस पर उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का मामला है सामने आता है तो इस पर पुलिस प्रशासन अपनी तरफ से कड़ी कार्रवाई करें.











