भारत के खिलाफ झूठ बोल रहे थे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री, फ्रांस के पत्रकार ने कर दिया साइलेंट

ख्वाजा आसिफ ने इंटरव्यू में भारत पर तालिबान के साथ मिलकर आतंक फैलाने का आरोप लगाया. फ्रांस के पत्रकार ने जब इसको लेकर सबूत मांगा तो वे कहानी बताने लगे. इस पर पत्रकार ने कहा कि गंभीर आरोप लगाने के लिए सबूत का होना जरूरी है
भारत को लेकर झूठा प्रोपेगंडा फैला रहे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को फ्रांस के एक पत्रकार ने साइलेंट कर दिया. दरअसल, ख्वाजा आसिफ फ्रांस-24 को एक इंटरव्यू दे रहे थे. यह इंटरव्यू वरिष्ठ पत्रकार मार्क पेरेलमैन ले रहे थे. इसी दौरान एक सवाल के जवाब में ख्वाजा ने कहा- भारत पाकिस्तान में आतंकी हमले करा रहा है. अफगानिस्तान की सहायता से वह यह काम कर रहा है. दोनों ने गठबंधन कर लिया है.
इस पर मार्क ने कहा कि यह एक गंभीर आरोप है और आपको इसका सबूत देना होगा. मार्क ने ख्वाजा से कहा कि इस तरह के आरोप बिना सबूत के नहीं लगाए जाते हैं. इस पर ख्वाजा ने कहा कि अभी दोनों की दोस्ती बढ़ गई है, वो आपने देखा नहीं? ख्वाजा ने इस मामले में कोई डायरेक्ट प्रूफ न होने की बात कही.
ख्वाजा के मुताबिक हम एक क्रोनोलॉजी जोड़ रहे हैं. टीटीपी पाकिस्तान पर हमला करता है और उसका गढ़ तालिबान में है. हाल ही में पाकिस्तान और तालिबान के संबंधों में विस्तार हुआ है.
तालिबान से परेशान पाकिस्तान
ख्वाजा आसिफ ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि एक वक्त में हमारे रिश्ते तालिबान से बेहतर थे, लेकिन अब नहीं है. तालिबान की वजह से हमारे यहां आतंकी हमले हो रहे हैं. तालिबान ने प्रॉक्सी वॉर छेड़ रखा है. अगर कुछ दिनों में काबुल की तरफ से हमें शांति की गारंटी नहीं मिलता है तो हम उस पर हमला कर सकते हैं.
ख्वाजा ने आगे कहा कि हम लगातार वार्ता में जुटे हुए हैं. इसके लिए तुर्की, कतर और सऊदी की मदद ली जा रही है, लेकिन अब तक बात नहीं बन पाई है.
गाजा को लेकर किया बड़ा ऐलान
इस इंटरव्यू में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गाजा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. आसिफ के मुताबिक अगर सिचुएशन ठीक होता है तो पाकिस्तान गाजा में शांति सेना भेज सकता है. इसके अलावा जो 5 बिलियन डॉलर की रकम है, उसे भी दे सकता है. यह पहली बार है, जब पाकिस्तान के किसी बड़े नेता ने खुलकर गाजा में सेना भेजने की बात स्वीकारी है.
दरअसल, पाकिस्तान अमेरिका के कहने पर गाजा पीस बोर्ड में शामिल हो गया है. पाकिस्तान में सरकार के इस कदम की आलोचना हो रही है. क्योंकि गाजा पीस बोर्ड का मुख्य मकसद हमास को खत्म करना है.











