सुपौल में हड़कंप! DEO ने बुला ली 154 स्कूलों की इमरजेंसी मीटिंग

सुपौल : इको क्लब फार मिशन लाईफ के गठन से संबंधित नोटिफिकेशन पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. इसी क्रम में सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में जिले के 154 प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की बैठक बुलाई गई.

बैठक को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देशों एवं गूगल मीट के माध्यम से बार-बार सूचना देने के बावजूद जिले के 154 विद्यालयों द्वारा इको क्लब फॉर मिशन लाईफ गठन से संबंधित नोटिफिकेशन अब तक विभागीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है. यह स्थिति गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग द्वारा सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 10 जनवरी तक इको क्लब का गठन अनिवार्य रूप से किया जाना है. इसके तहत सभी शेष विद्यालयों को 8 जनवरी 2026 की संध्या तक इको क्लब गठन से संबंधित नोटिफिकेशन पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा. समयसीमा के बाद कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालयों के मरम्मत कार्यों के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 50 हजार रुपये की राशि के संबंध में भी निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों को यह राशि प्राप्त हुई है, वे दो दिनों के भीतर उसका डीसी विपत्र जिला कार्यालय में उपलब्ध कराएं, क्योंकि विभाग द्वारा डीसीबी बिल की मांग की जा रही है.

इसके साथ ही उन्होंने कक्षा एक में नामांकित बच्चों की यू-डाइस, पोर्टल पर इंट्री को लेकर भी सख्ती दिखाई. जिन विद्यालयों द्वारा अब तक कक्षा एक के बच्चों की प्रविष्टि नहीं की गई है, उन्हें दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से इंट्री पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. बैठक में उपस्थित संभाग प्रभारी गुणवत्ता शिक्षा, बिहार शिक्षा परियोजना ने निपुण बिहार कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान से संबंधित बैनर जिन विद्यालयों में अब तक नहीं लगाए गए हैं, वे शीघ्रता से इसे लगवाएं. साथ ही कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों को निपुण लक्ष्य के अनुरूप तैयार करने का भी निर्देश दिया गया

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