पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे अब कुशीनगर तक बढ़ाया गया, सर्वे शुरू

उत्तर प्रदेश में यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को अब कुशीनगर तक बढ़ाया गया है। लगभग 750 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। विशेषज्ञ टीमें मार्ग निर्धारण और नक्शा तैयार करने में लगी हैं, ताकि निर्माण में पेड़ों की कटाई कम से कम हो। सर्वे पूरा होने के बाद नक्शा राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा, स्वीकृति मिलने के बाद बजट और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।

गोरखपुर की पीपीगंज क्षेत्र में सर्वे के दौरान एलाइनमेंट के अनुसार पिलर लगाए जा रहे हैं और जियो टैगिंग की जा रही है। कुशीनगर-पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई संत कबीर नगर में 22.50 किलोमीटर, गोरखपुर में 34 किलोमीटर और कुशीनगर में 3 किलोमीटर होगी।

यह एक्सप्रेसवे कुशीनगर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। पहले यह गोरखपुर से शामली तक बनना था, फिर इसे पानीपत तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सर्वे में एलाइनमेंट का ध्यान रखते हुए कम से कम पेड़ों की कटाई पर जोर दिया जा रहा है।

एक्सप्रेसवे गोरखपुर, कुशीनगर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और पानीपत जिलों से होकर गुजरेगा।

किसान जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि 2016 के बाद सर्किल रेट में वृद्धि नहीं हुई और वर्तमान में जमीन की कीमत सर्किल रेट से लगभग 10 गुना अधिक हो गई है। किसानों की मांग है कि जिनके पास 40 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें आवासीय दर से मुआवजा दिया जाए। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि एलाइनमेंट तय होने के बाद मुआवजे की स्थिति स्पष्ट होगी।