एनसीईआरटी की किताब के विवादित चैप्टर पर सख्ती, पीएम ने जताई नाराजगी

कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े एक विवादित अध्याय को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। मामले ने तूल पकड़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई थी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि आठवीं कक्षा के छात्रों को न्यायिक भ्रष्टाचार जैसे विषय पर क्या और किस प्रकार की सामग्री पढ़ाई जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि पाठ्यसामग्री की निगरानी और अनुमोदन की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाती है।
विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने संबंधित अध्याय पर रोक लगा दी है। परिषद ने स्वीकार किया कि अध्याय में तथ्यात्मक और संदर्भ संबंधी त्रुटियां पाई गईं। संस्था की ओर से कहा गया है कि यह त्रुटि अनजाने में हुई और अध्याय को विशेषज्ञों की सलाह से दोबारा तैयार किया जाएगा। संशोधित संस्करण 2026-27 शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इस मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा। उन्होंने घटना पर खेद जताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस प्रकरण के बाद शिक्षा व्यवस्था में पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा और निगरानी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।









