PM मोदी फ्रांस पहुंचे, इनोवेशन इवेंट में शिरकत-आज मैक्रों से बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने यहां निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। थोड़ी देर में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स, निवेशक और वेंचर कैपिटल फंड्स हिस्सा लेंगे। इसका मकसद इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और निवेश को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि यह पहल भारत-फ्रांस आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई मजबूती देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समयानुसार शनिवार रात फ्रांस पहुंचे। होटल में भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पीएम ने एक बच्चे को गोद में उठाया और दुलार किया। महिलाओं ने पीएम के हाथ को अपने माथे पर लगाया। इसके बाद कल्चरल प्रोग्राम हुए।
भारत-फ्रांस में 114 राफेल की खरीद पर चर्चा संभव
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 12 समझौते हो सकते हैं। भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर अहम चर्चा होगी।
भारत चाहता है कि इन विमानों में अपने हथियार जोड़ने की सुविधा मिले। इसके लिए सोर्स कोड का मुद्दा भी उठाया जाएगा। डील पर अभी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति (CCS) की मंजूरी नहीं मिली है। प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा।
पीएम का 6 दिन का फ्रांस-स्लोवाकिया दौरा, ट्रम्प से मिलेंगे
- प्रधानमंत्री 13 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया के 6 दिनों के दौरे पर हैं। पीएम बनने के बाद उनकी यह 7वीं फ्रांस यात्रा है। पीएम का फ्रांस दौरा दो फेज में होगा। इस दौरान 3 शहरों- नीस, एवियान और पेरिस जाएंगे। वे 13-14 जून तक नीस में रहेंगे।
- मोदी 14 जून को ही फ्रांस से स्लोवाकिया जाएंगे और 15 जून तक रुकेंगे। इस दौरान स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रोबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भारतीय पीएम का यह पहला दौरा है।
- 16 जून को पीएम वापस फ्रांस आएंगे। 16 से 17 जून को एवियान में G7 समिट में हिस्सा लेंगे। 17 जून को G7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से द्विपक्षीय मुलाकात होगी। दोनों नेता 16 महीने बाद मिलेंगे। दोनों आखिरी बार फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे। 18 जून को पेरिस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक सम्मेलन में जाएंगे।
होर्मुज रक्षा गठबंधन में भारत के शामिल होने पर निर्णय संभव
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। ब्रिटेन की अगुवाई में अप्रैल में हुई पेरिस वार्ता में भारत शामिल हुआ था।
होर्मुज खोलने को लेकर भारत किसी एक देश की पहल पर होने वाली सुरक्षा व्यवस्था के बजाए संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुकूल बहुपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था के हक में है। ऐसे में भारत फ्रांस और ब्रिटेन की पहल के साथ कदम मिलाते हुए होर्मुज रक्षा गठबंधन में शामिल होने पर सहमति दे सकता है।
G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं?
G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की ‘मॉडर्न इकोनॉमी’ वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं।
इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा।











