छत्तीसगढ़ में 5 से 7 जून तक काव्य कुंभ: वसीम बरेलवी, आलोक श्रीवास्तव और मामे खान सहित कई दिग्गज होंगे शामिल, कविता-ग़ज़ल-संगीत का दिखेगा अनोखा संगम।

मध्य भारत के बड़े साहित्यिक आयोजनों में शामिल काव्य कुंभ का दूसरा संस्करण छत्तीसगढ़ में 5 से 7 जून तक आयोजित होगा। इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। 5 जून को इसका आयोजन राजनांदगांव में होगा, जबकि 6 और 7 जून को रायपुर के केपीएस डूंडा कमल विहार परिसर में देशभर के नामी कवि, शायर, लेखक, कलाकार और संगीतकार जुटेंगे।
आयोजकों ने बताया कि काव्य कुंभ स्पर्धा, संगम, संवाद, सफर, संदेश, सुरूर और संगत जैसे सात प्रमुख विषयों पर आधारित रहेगा। कार्यक्रम में उर्दू के प्रसिद्ध शायर वसीम बरेलवी, कवि और लेखक आलोक श्रीवास्तव, अभिनेता पंकज झा, लोक गायक मामे खान, कबीर कैफे, राहगीर, हेली शाह, अमनदीप ख्याल, जुबैर अली ताबिश, मनिका दुबे और छत्तीसगढ़ से पद्मश्री अनुज शर्मा शामिल होंगे।
रायपुर में पहले दिन संवाद और संगीत का संगम
6 जून को रायपुर में कार्यक्रम की शुरुआत ‘संवाद’ सत्र से होगी। इसमें पंचायत वेब सीरीज से चर्चित अभिनेता पंकज झा और पद्मश्री अनुज शर्मा शामिल होंगे। इसके बाद हेली शाह और अमनदीप ख्याल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं शाम को युगम बैंड और लोक गायक मामे खान की संगीतमय प्रस्तुति होगी।
दूसरे दिन मुशायरा और कवि सम्मेलन
7 जून को ‘संगम’ के तहत मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इसके बाद आलोक श्रीवास्तव की ‘आलोकनामा’ प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम का समापन कबीर वाणी और संगीत आधारित प्रस्तुति के साथ किया जाएगा।
87 साल के वसीम बरेलवी सुनाएंगे अनुभव और शायरी
उर्दू शायरी की दुनिया के बड़े नाम वसीम बरेलवी काव्य कुंभ का प्रमुख आकर्षण रहेंगे। उनकी गजलें और शेर देश-विदेश के मुशायरों में खूब पसंद किए जाते हैं। हाल ही में उनका चर्चित शेर “उसूलों पर जहां आंच आए…” फिल्म जवान के गीत में भी इस्तेमाल हुआ था। कार्यक्रम में वे अपनी चुनिंदा गजलें सुनाने के साथ साहित्य और रचनात्मक जीवन के अनुभव भी साझा करेंगे।
‘आलोकनामा’ में सुनाएंगे संघर्ष की कहानी
7 जून को कवि और लेखक आलोक श्रीवास्तव अपनी विशेष प्रस्तुति ‘आलोकनामा’ लेकर आएंगे। करीब एक घंटे की इस प्रस्तुति में वे अपने जीवन के संघर्ष, साहित्यिक सफर और यादगार अनुभवों को साझा करेंगे। आलोक की रचनाओं को जगजीत सिंह और एआर रहमान जैसे दिग्गज संगीतकार भी अपनी आवाज और संगीत दे चुके हैं।
सोशल मीडिया पर पहुंचेगी 1000 नई कविताएं
आयोजकों का कहना है कि ‘काव्य कुंभ’ सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की पहल भी है। इस बार 1000 नई कविताओं को संग्रहित कर सोशल मीडिया रील्स के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सकारात्मक और रचनात्मक कंटेंट को बढ़ावा मिल सके।
8 शहरों से 500 एंट्री, 50 कवियों को मिलेगा मुख्य मंच पर मौका
काव्य कुंभ के लिए इस बार प्रदेश के 8 शहरों में ऑडिशन आयोजित किए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक अब तक करीब 500 प्रतिभागियों की एंट्री प्राप्त हुई है। फिलहाल सभी प्रविष्टियों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग की जा रही है।
स्क्रीनिंग के बाद चुने गए 50 कवियों को काव्य कुंभ के मुख्य मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। इनमें से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 2 कवियों को पुरस्कार भी दिया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि इस बार आदिवासी भाषाओं में भी बड़ी संख्या में कविताएं प्राप्त हुई हैं। इन प्रस्तुतियों के लिए कार्यक्रम में विशेष स्लॉट रखा गया है, ताकि क्षेत्रीय और जनजातीय साहित्य को भी मंच मिल सके।
कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे स्मृति में दिया जाएगा पुरस्कार
आयोजकों ने बताया कि इस काव्य कुंभ के मंच पर छत्तीसगढ़ी कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी अंतिम प्रस्तुति दी थी। इस बार उनके सम्मान में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा जाएगा। साथ ही सर्वश्रेष्ठ युवा कवि को डॉ. सुरेंद्र दुबे स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
बता दें कि काव्य कुंभ के पिछले सीजन को लोगों ने काफी पसंद किया था। कविता और शायरी के इस मंच पर हर उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। पिछले आयोजन में सौरभ द्विवेदी, रज़ा मुराद, राहगीर, अज़हर इक़बाल और कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी।
5 जून का राजनांदगांव में कार्यक्रम
आयोजकों का कहना है पिछले सीजन के रेस्पोंस को देखते हुए इस बार कार्यक्रम को तीन दिन तक रखा गया है। इसमें 5 जून को एक दिन का कार्यक्रम राजनांदगांव में होगा। यहां ‘राहगीर’ अपनी विशिष्ट गायन शैली और प्रस्तुति के माध्यम से कविता और शायरी को सोशल मैसेज में पिरोकर दर्शकों के सामने पेश करेंगे।
टिकटें ऑनलाइन उपलब्ध
काव्य कुंभ में शामिल होने के लिए दर्शक Bookmyshow से टिकट बुक कर सकते हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर साहित्य और संगीत प्रेमियों में काफी उत्साह है।
काव्य कुंभ में शामिल होंगे ये कलाकार
- वसीम बरेलवी (उर्दू शायर)
- आलोक श्रीवास्तव (कवि और लेखक)
- पंकज झा (अभिनेता)
- मामे खान (लोक गायक)
- कबीर कैफे
- राहगीर
- हेली शाह
- अमनदीप ख्याल
- जुबैर अली ताबिश
- मनिका दुबे
- पद्मश्री अनुज शर्मा











