राजस्थान: 15 अक्टूबर तक सुबह 7:30 से दोपहर 1 बजे तक ही लगेंगी कक्षाएं, 16 से बदलेगा सभी सरकारी स्कूलों का समय, शिक्षा विभाग का नया आदेश

राजस्थान के स्कूली छात्रों के लिए काम की खबर है। सरकारी स्कूलों के समय परिवर्तन के संबंध में शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। 30 सितंबर 2026 को माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर की ओर से जारी आदेश के अनुसार 1 से 15 अक्टूबर तक स्कूल समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। 16 अक्टूबर से शीतकालीन समय-सारिणी लागू कर दी जाएगी।

बता दें कि आमतौर पर राजस्थान में 1 अक्टूबर से सरकारी स्कूलों में शीतकालीन समय सारणी लागू कर दी जाती है, जो सुबह 10 से 4 बजे तक लागू रहती है, लेकिन बदलते मौसम, गर्मी और उमस के साथ छात्रों के स्वास्थ्य और अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने समय में प्रस्तावित बदलाव को फिलहाल टाल दिया है। छात्रों और शिक्षकों को फिलहाल अपनी दिनचर्या में किसी तरह का बदलाव करने की आवश्यकता नहीं होगी।

शिक्षा विभाग के फैसले के बाद राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों का समय 15 अक्टूबर तक यथावत यानि सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इसके बाद 16 अक्टूबर से सभी सरकारी स्कूलों में शीतकालीन समय लागू होगा और स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।

यह शीतकालीन समय 16 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में विद्यालयों की अन्य शैक्षणिक गतिविधियां सत्र 2026-27 के लिए निर्धारित ‘शिविरा पंचांग’ के अनुसार ही संचालित होंगी।

क्या लिखा है आदेश में

निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार,राज्य के समस्त एकल पारी के स्कूलों के संचालन समय में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परिवर्तन 01 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होना था, निर्देशानुसार उक्त तिथि में संशोधन करते हुए अब स्कूल समय परिवर्तन 16 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी किया जाता है। 15 अक्टूबर, 2026 तक समस्त विद्यालयों में पूर्व निर्धारित समय व्यवस्था यथावत् लागू रहेगी। समस्त संबंधित अधिकारी एवं संस्था प्रधान उक्त आदेश की पालना सुनिश्चित करें। यह आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदित है। इसके अतिरिक्त स्कूलों की शेष सभी गतिविधियां शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 के अनुसार ही संचालित होती रहेंगी।

 

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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