मकर संक्रांति वार्षिक फल का किया गया वाचन जैतूसाव मठ में


० विशेष पूजा अर्चना की गई मकर संक्रांति के अवसर पर मठ मंदिरों में
रायपुर। मकर संक्रांति के अवसर पर श्री दूधाधारी मठ, इनसे संबंधित श्री जैतू साव मठ एवं अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना की गई एवं मकर संक्रांति वार्षिक फल का वाचन किया गया। श्रद्धालु भक्तों ने श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री दूधाधारी मठ एवं जैतू साव मठ में परंपरागत रूप से सांध्य कालीन बेला में मकर संक्रांति समैया उत्सव आरती संपन्न होने के उपरांत मकर संक्रांति वार्षिक फल का वचन पुरोहितों के द्वारा किया गया। सभी राशियों से संबंधित तथा देश एवं राज्य की राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक पक्ष से संबंधित लाभ -हानि, उतार-चढ़ाव आदि समस्त बातों का सविस्तार वाचन किया गया। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि – मकर संक्रांति का पर्व प्रत्येक वर्ष सूर्य नारायण के उत्तरायण होने की उपलक्ष में श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया जाता है।
इस दिन भगवान सूर्य नारायण की भी विशेष पूजा अर्चना की जाती है। दान- पुण्य, भगवत पूजन, आराधना, पवित्र नदियों में स्नान आदि से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। श्री दूधाधारी मठ एवं इससे संबंधित सभी स्थानों में परंपरागत रूप से मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाओं सहित बधाई दी। अजय तिवारी ने कहा कि – मकर संक्रांति के अवसर पर तील, गुड़ सहित अन्य पदार्थों के दान का अत्यधिक महत्व है लोगों को अपने सामर्थ के अनुसार दान करना चाहिए। इस अवसर पर विशेष रूप से महेंद्र अग्रवाल, रमेश यदु, चंद्रकांत यदु, दीपक पाठक, नागा जी महाराज, प्रणव वैष्णव, रामदेव दास, राम शिरोमणि दास, राम लोचन त्रिपाठी, रामप्रिय दास , नंदलाल फेकर, अशोक साहू, जनक राम साहू, राजा वैष्णव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नगरीक गण सम्मिलित हुए।











