Rohit Sharma: क्यों लाइन में खड़े होने की वजह से रोहित शर्मा ने किया बैटिंग छोड़ने का फैसला?

Rohit Sharma: क्यों लाइन में खड़े होने की वजह से रोहित शर्मा ने किया बैटिंग छोड़ने का फैसला?

Rohit Sharma Birthday: इंटरनेशनल क्रिकेट में 50 शतक के साथ 20000 से ज्यादा रन. ये आंकड़ा अपने आप में रोहित शर्मा की काबिलियत का बखान कर रहा है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बल्ले के जोर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में जिस रोहित का शोर गूंजा, उन्होंने कभी बैटिंग से तौबा करने का मन बना लिया था. उन्होंने बल्लेबाजी छोड़ने का फैसला कर लिया था. वो भी इसलिए क्योंकि रोहित शर्मा लाइन में खडे होना नहीं चाहते थे. लेकिन, 30 अप्रैल 2026 को 39 साल के हुए रोहित शर्मा की मौजूदा हकीकत कुछ और है. अब हर लीग, सीरीज और टूर्नामेंट में बैटिंग की लाइन उन्हीं से शुरू होती है. अरे भइया ओपनर जो बन गए हैं.

रोहित ने जब लाइन लंबी देख बैटिंग छोड़ने का किया फैसला

बैटिंग करने वालों की लंबी कतार देखकर बल्लेबाजी ही छोड़ देने वाले फैसले के बारे में रोहित शर्मा खुद ही कई इंटरव्यू में बता चुके हैं. उन्होंने बताया कि वही फैसला उनके एक गेंदबाज के तौर पर अपने क्रिकेट करियर को शुरू करने के पीछे की वजह भी थी. रोहित शर्मा के मुताबिक घटना तब की है जब वो सेलेक्शन के लिए गए थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वहां सेलेक्शन के लिए बल्लेबाजी की लंबी लाइन थी और वो नहीं चाहते थे कि अपनी बारी के लिए दिन भऱ इंतजार करें. बल्लाबाजों की उस लंबी कतार से घबराए रोहित बॉलिंग के सेलेक्शन वाली लाइन में चले और इस तरह उनका करियर एक गेंदबाज, एक ऑफ स्पिनर के तौर पर शुरू हुआ.

कोच दिनेश लाड ने पहली बार रोहित को कब देखा?

रोहित शर्मा ने दो साल पहले SportsNext को दिए इंटरव्यू में बताया कि जिस टूर्नामेंट के लिए उनका सेलेक्शन हुआ था, उसमें वो पूरे टूर्नामेंट में बतौर गेंदबाज ही खेले थे. उनके कोच दिनेश लाड की नजर पहली बार उन पर उसी टूर्नामेंट में पड़ी थी. उन्होंने फाइनल में उनका खेल देखकर उन्हें अपने स्कूल से खेलने का आफर दिया था.

रोहित कैसे बने फिर बॉलर से बैट्समैन?

सेलेक्शन के दौरान बल्लेबाजी की लंबी लाइन से घबराकर गेंदबाज तो बन गए. लेकिन, फिर वो बॉलर से बैट्समैन कैसे बने? इस बारे में पूछे जाने पर रोहित शर्मा ने बताया कि स्कूल को एक ऑलराउंडर की तलाश थी, जो बैटिंग और बॉलिंग दोनों कर सके. रोहित के मुताबिक स्कूल ने उनसे बतौर ऑलराउंडर खेलने के लिए पूछा तो वो तैयार हो गए. रोहित ने बताया कि स्कूल के लिअ उन्हें फिर ओपन करने का मौका मिला, जहां उन्होंने कुछ रन बनाए और फिर उसके बाद वहीं से सारी चीजें बदल गईं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close