जुलाई में होगा साय सरकार का चिंतन शिविर, मुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट लेगी प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से जुलाई में दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने जा रही है। नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में प्रस्तावित इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल सुशासन को मजबूत करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व विकास पर रहेगा फोकस
शिविर के दौरान मंत्रियों को प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्माण, नेतृत्व विकास, तकनीकी नवाचार और जनसेवा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और परिणामोन्मुख बनाने के उपायों पर मार्गदर्शन देंगे।
इसके अलावा योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय प्रक्रिया, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यसंस्कृति में सुधार जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।
योजनाओं की समीक्षा और सुधारों पर मंथन
चिंतन शिविर में राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। सरकार पिछले शिविरों के अनुभवों के आधार पर इस बार कार्यक्रम को अधिक व्यावहारिक और परिणाम केंद्रित बनाने की तैयारी कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार शिविर में शासन-प्रशासन की चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तृत चर्चा होगी, ताकि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
पहले दो शिविरों में भी हुआ था सुशासन पर मंथन
साय सरकार का पहला चिंतन शिविर 31 मई और 1 जून 2024 को आयोजित किया गया था, जिसमें विकसित छत्तीसगढ़-2047, सुशासन और प्रशासनिक दक्षता जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। वहीं दूसरा चिंतन शिविर 8 और 9 जून 2025 को आयोजित हुआ, जिसमें विभागीय समन्वय, वित्तीय प्रबंधन, नवाचार और विकास के रोडमैप पर मंथन किया गया था।
अब सरकार तीसरे चिंतन शिविर के जरिए प्रशासनिक क्षमता को और मजबूत करने तथा सुशासन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।











