डॉक्टर का नंबर गूगल पर सर्च करना पड़ा महंगा, जबलपुर में APK फाइल डाउनलोड कराकर 2.75 लाख ठगे, 2 और लोग भी हुए शिकार

जबलपुर में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में तीन लोगों से कुल 3.85 लाख रुपए ठग लिए गए। सबसे बड़ी ठगी हनुमानताल इलाके में हुई जहां डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करने वाले व्यक्ति से 2.75 लाख रुपए चले गए। आरोपी ने खुद को रिसेप्शनिस्ट बताया और 5 रुपए भेजने के नाम पर APK फाइल डाउनलोड कराई। इसके अलावा रांझी में रिश्तेदार बनकर और गोरखपुर में फेसबुक स्टोरी के जरिए ठगी की गई।

दरअसल जबलपुर में सामने आए इन मामलों में ठगों ने लोगों को अलग-अलग तरीके से अपने जाल में फंसाया। किसी ने डॉक्टर की जानकारी लेने के लिए इंटरनेट पर नंबर खोजा तो किसी के पास रिश्तेदार बनकर वॉट्सऐप मैसेज आया। तीसरे मामले में फेसबुक पर एक स्टोरी पढ़ते समय लिंक पर क्लिक करना महंगा पड़ गया। पुलिस में शिकायत पहुंचने के बाद सितंबर और अक्टूबर में हुई इन घटनाओं का खुलासा हुआ है।

डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करना पड़ा महंगा

हनुमानताल थाना क्षेत्र में स्वतंत्र जैन (50) ने बीती शाम साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को अपनी मां के इलाज के लिए डॉक्टर उदय सुमन शेखर का अपॉइंटमेंट लेना था। इसके लिए उन्होंने गूगल पर डॉक्टर का नंबर सर्च किया। उन्हें एक नंबर मिला और उस पर कॉल करने के बाद सामने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का रिसेप्शनिस्ट बताया। बातचीत के दौरान आरोपी ने अपॉइंटमेंट से जुड़ी प्रक्रिया बताई और स्वतंत्र जैन से 5 रुपए भेजने को कहा। इसके बाद उन्हें एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। उन्होंने फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद 24 और 25 सितंबर के बीच उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 75 हजार रुपए निकल गए। यह इस पूरे मामले में सबसे बड़ी रकम की ठगी है। स्वतंत्र जैन ने बैंक खाते से रकम निकलने के बाद इसकी शिकायत पुलिस से की। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस अब ठगी के तरीके और इस्तेमाल किए गए नंबर व डिजिटल माध्यम की जानकारी जुटा रही है।

फेसबुक स्टोरी के बाद खाते से निकले 60 हजार

वहीं रांझी थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय सनत कुमार बेनर्जी के साथ भी ऑनलाइन ठगी हुई। उन्होंने 30 सितंबर को साइबर सेल में शिकायत की। सनत कुमार के पास वॉट्सऐप पर उनके बहनोई राकेश कुमार सिंह के नाम से मैसेज आया। इसमें 55 हजार रुपए की जरूरत बताई गई थी। मैसेज को सही मानकर उन्होंने मनीष पासवान के नाम वाली UPI आईडी पर गूगल पे के जरिए 50 हजार रुपए भेज दिए। बाद में पता चला कि उनके बहनोई का मोबाइल हैक हो चुका था। ठगों ने उनके दूसरे रिश्तेदारों को भी इसी तरह के मैसेज भेजे थे।

दरअसल तीसरा मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। क्रिश्चन कॉलोनी, कटंगा गोरखपुर निवासी नवीन काक (55) ने 3 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। वह क्राइस्ट चर्च बालक स्कूल, तैयब अली में शिक्षक हैं। नवीन ने बताया कि 15 सितंबर को वह मोबाइल पर फेसबुक की स्टोरी देख रहे थे। एक स्टोरी उन्हें पसंद आई और आगे पढ़ने के लिए उन्होंने उस पर क्लिक किया। इसके बाद पेमेंट का विकल्प सामने आया, जिसे उन्होंने तुरंत हटा दिया। इसके बाद उसी रात करीब 11 बजे उनके इंडियन ओवरसीज बैंक खाते से रकम कटने के मैसेज आने लगे। 15 सितंबर से 16 सितंबर के बीच कुल 10 ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 60 हजार रुपए निकाल लिए गए। उन्हें बाद में खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।इन तीन मामलों में कुल 3 लाख 85 हजार रुपए की ठगी हुई है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामलों की जांच कर रही है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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