तमिलनाडु में सीट बंटवारे पर स्टालिन सख्त, कांग्रेस की डिमांड ठुकराई… गठबंधन में बढ़ा तनाव

तमिलनाडु में DMK और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर संग्राम छिड़ गया है. कांग्रेस ने 45 सीटों की मांग की है लेकिन डीएमके 25 से ज्यादा सीटें देने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है. वेणुगोपाल की स्टालिन से मुलाकात नाकाम रही. अब कनिमोझी पर निगाहें टिकी हैं.
तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके में तनाव बढ़ गया है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीट देने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस ने 45 सीटों की मांग रखी एवज में सत्ता की भागीदारी पर रुख नरम करने के संकेत दिए. मगर स्टालिन ने साफ इनकार कर दिया. कांग्रेस की मांग है कि पिछली बार डीएमके जिन 40 सीटों पर चुनाव हारी थी, उनमें से 20 सीटें दे ताकि हमारी संख्या पिछली बार की लड़ी 25 और इस बार की 20 मिलकर 45 तक पहुंच जाए.
मगर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की स्टालिन से मुलाकात नाकाम रही. उसके बाद दोनों नेता बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए. इसके बाद कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश और डीएमके की नेता कनिमोझी के बीच दोबारा बातचीत शुरू हुई. दरअसल, पिछले चुनाव में डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसमें से 133 सीटें जीतीं जबकि 40 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा. हारी सीटों में से ज्यादातर सीटें AIADMK और भारतीय जनता पार्टी को मिलीं











