मोहर्रम को लेकर सख्ती: DJ, नाच-गाना और आतिशबाजी पर रोक, वक्फ बोर्ड ने जारी की गाइडलाइन

रायपुर, 12 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने प्रदेश की सभी ताजिया, दरगाह, उर्स, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से अपील की है कि धार्मिक कार्यक्रम केवल कुरान, हदीस और शरीयत के अनुसार आयोजित किए जाएं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों में DJ, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी तथा अन्य गैर-शरीयत गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक आयोजनों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना संबंधित समितियों की जिम्मेदारी होगी।
उल्लंघन पर कार्रवाई, मान्यता भी हो सकती है रद्द
वक्फ बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी जुलूस, उर्स या धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिबंधित गतिविधियां पाई जाती हैं तो संबंधित समिति और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में समिति की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
50 हजार रुपये तक का जुर्माना
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाली समिति और इंतेजामिया पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आयोजकों से कार्यक्रमों को अनुशासन, अदब और एहतराम के साथ संपन्न कराने की अपील की गई है।
जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाने के निर्देश
वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज से हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में मोहर्रम को सादगी, इबादत, सब्र और अच्छे आचरण के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही प्रदेश की सभी मस्जिदों के इमाम, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस अपील को जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया जाए।











