सिर्फ 121 सेकेंड में हार से बचाया, ‘सुपर सब’ कायल लैरिन ने कनाडा के लिए रचा इतिहास

फीफा वर्ल्ड कप 2026 अभी शुरू हुआ ही है कि दूसरे मैच में ही रोमांच का ऐसा तड़का लगा, जिसने टूर्नामेंट के लिए माहौल सेट कर दिया. ये रोमांचक मशहूर टीमों के बीच नहीं बल्कि पहली बार मेजबानी कर रहे कनाडा और छोटी यूरोपियन टीम बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला गया. इस मुकाबले में कोई विजेता नहीं रहा और मैच 1-1 से ड्रॉ रहा लेकिन कनाडा फुटबॉल के लिए ये मैच ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया. इस ड्रॉ के दम पर कनाडा ने पहली बार वर्ल्ड कप में कोई पॉइंट हासिल किया और उसकी वजह बने कायल लैरिन, जिन्होंने सिर्फ 121 सेकेंड के अंदर गोल दागकर टीम को बचा दिया.
‘सुपर सब’ लैरिन ने बचाया
इस मैच में उम्मीद के मुताबिक बोस्नियाई टीम काफी आक्रामक और हावी नजर आ रही थी. टीम लगातार अटैक करते हुए कनाडा को आगे आने का मौका नहीं दे रही थी. इसका फायदा भी बोस्निया को मिला जब जोवो लुकिच ने 21वें मिनट में गोल करते हुए टीम को बढ़त दिला दी. उसकी ये बढ़त पहला हाफ खत्म होने तक बनी रही. वहीं दूसरे हाफ में भी बोस्निया ने कनाडा को काफी देर तक गोल नहीं दागने दिया. मैच में बराबरी हासिल करने की कोशिश में दूसरे हाफ में कनाडा के हमले बढ़े लेकिन सफलता नहीं मिली.जब टीम हार की ओर बढ़ती हुई दिख रही थी, तभी कनाडाई कोच ने एक फैसला लिया, जो मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ. कोच ने 76वें मिनट में स्ट्राइकर कायल लैरिन को सबस्टिट्यूट के रूप में उतारा और फिर लैरिन ने वो किया, जिसके लिए उन्हें भेजा गया. पिच पर कदम रखने के महज 121 सेकेंड के भीतर, 79वें मिनट में लैरिन ने एक बेहतरीन पास को गोल में तब्दील कर दिया. लैरिन कनाडा के लिए ‘सुपर सब’ साबित हुए और उन्होंने टीम को हार से बचा लिया.
खुल गया कनाडा का खाता
इस गोल ने सिर्फ मैच ड्रॉ नहीं करवाया, बल्कि कनाडा फुटबॉल को एक ऐतिहासिक सफलता दिलाई. सिर्फ तीसरी बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे कनाडा को पिछले 2 वर्ल्ड कप (1986 और 2022) के 6 मैच में हार ही मिली थी. मगर इस ड्रॉ के साथ ही कनाडा के खाते में 1 पॉइंट जुड़ गया और इस तरह वर्ल्ड कप इतिहास में इस टीम ने अपना खाता खोल ही दिया. इतना ही नहीं, लैरिन का यह गोल वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे तेज सबस्टिट्यूट गोल्स में भी शुमार हो गया है.











