‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला: कटारिया फार्मास्युटिकल के गोदाम सील, रेफ्रिजरेटर तक नहीं था!

छिंदवाड़ा और बैतूल में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से 25 बच्चों की दुखद मौत के बाद, जबलपुर में इस मामले को लेकर बड़ी कार्रवाई जारी है। कटारिया फार्मास्युटिकल, जो इस सिरप और अन्य दवाओं का स्टॉक रखती थी, उसके ऑफिस और गोदाम में शनिवार को भी जांच पड़ताल जारी रही। इस जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

पता चला है कि कटारिया फार्मास्युटिकल ने अपने गोदाम में दवाओं का स्टॉक रखने के लिए प्रशासनिक अनुमति ही नहीं ली थी। इसके बाद खाद्य और औषधि विभाग की टीम ने गोदाम को सील कर फर्म को नोटिस जारी किया है।

फर्म से ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के जो 26 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, उनमें डाईएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) नामक दूषित केमिकल पाया गया है, जिसे बच्चों की मौतों का मुख्य कारण माना जा रहा है।

इसी केमिकल की पुष्टि जबलपुर से भेजे गए सैंपलों में भी हुई है।

शुक्रवार को दुकान और गोदाम के निरीक्षण के दौरान फर्म संचालक ने दुकान का लाइसेंस और अन्य दस्तावेज तो टीम के सामने पेश किए, लेकिन वे गोदाम से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए, जबकि गोदाम में ही बड़ी मात्रा में दवाओं का स्टॉक रखा हुआ था। शनिवार को भी उनसे रिकॉर्ड मांगे गए, लेकिन फर्म संचालक सेल-परचेज का पूरा रिकॉर्ड भी देने में असमर्थ रहे, जिसे एक गंभीर अनियमितता माना जा रहा है।

विभाग ने अब दवाओं का कस्टडी ऑर्डर लेकर जांच की अनुमति प्राप्त कर ली है और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत यह जांच की जा रही है। विभाग ने स्टॉकिस्ट से यह भी पूछा है कि उन्होंने ऐसी दवा क्यों बेची जो मानक गुणवत्ता की नहीं थी और जिससे कई बच्चों की जान चली गई।

कटारिया फार्मास्युटिकल का ऑफिस नोदरा ब्रिज के पास बताया गया है, जहाँ शुक्रवार को दिनभर कार्रवाई चली। विभाग ने फर्म को नोटिस जारी कर एक दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। अब यह पूरा मामला कोर्ट में पेश किया जाएगा। लापरवाही का आलम यह था कि गोदाम में दवाओं का स्टॉक तो किया गया था, लेकिन वहाँ रेफ्रिजरेटर तक नहीं था, जबकि कई दवाओं को तय तापमान में रखना अनिवार्य होता है।

महाकौशल क्षेत्र में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप का केवल एक ही डीलर होने के कारण यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है। विभाग अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटा है, ताकि इस बड़ी लापरवाही की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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